मध्यप्रदेश में 2 महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू होंगी

भोपाल, अगस्त  2014/ मध्यप्रदेश में 2 महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू होने जा रही हैं। प्रधानमंत्री जन-धन योजना का मकसद प्रदेश के हर परिवार का बेंक खाता खोलना है। दूसरी योजना का मकसद इस वर्ष के अंत तक सभी स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था करना है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना

मध्यप्रदेश में कुल एक करोड़ 50 लाख परिवार हैं, जिनमें से 62 लाख के पास बेंक खाते नहीं हैं। इनमें 50 लाख ग्रामीण और 12 लाख शहरी परिवार शामिल हैं। योजना को लागू करने के लिये समयबद्ध कार्य-योजना तैयार की गई है, जिसे पूरी तत्परता से लागू कर योजना के उद्देश्य को 14 अगस्त, 2015 तक पूरा कर लिया जायेगा।

योजना के पहले पिलर में सभी परिवारों को बेंकिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। दूसरे पिलर में ओवर ड्राफ्ट सुविधा के साथ बेसिक बेंक अकाउंट खोलना और तीसरे पिलर में वित्तीय साक्षरता प्रोग्राम चलाना शामिल हैं। वर्ष 2015 से 2018 तक पिलर 4 में क्रेडिट गारंटी फण्ड की स्थापना की जायेगी, पाँचवें पिलर में माइक्रो इंश्योरेंस की व्यवस्था और छठे पिलर में असंगठित क्षेत्र के लिये पेंशन योजना शामिल है।

योजना के लिये तैयार किये गये एक्शन प्लान में परिवारों का सर्वे किया जायेगा और केम्प लगाकर खाते खोले जायेंगे। प्रत्येक खातेदार को रुपाय डेबिट कार्ड दिये जायेंगे। छह माह की बचत/साख हिस्ट्री के बाद 5000 रुपये तक ओवर ड्राफ्ट सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। सभी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के भुगतान इन खातों के माध्यम से होंगे।

सभी स्कूलों में शौचालय व्यवस्था

प्रदेश में कुल 18 हजार 619 स्कूल में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इनमें इस वर्ष ही यह व्यवस्था कर दी जायेगी। इनमें 17 हजार 743 प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालय और 876 हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल हैं। कुल 1338 हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल में से 700 भवन विहीन हैं। इनके भवन बन जाने पर बालक और बालिकाओं के लिये पृथक शौचालय की व्यवस्था स्वत: हो जायेगी। शेष 438 स्कूल में पृथक बालक व बालिका शौचालय बनाये जायेंगे।

शाला शौचालयों का निर्माण शाला प्रबंधन समितियों द्वारा किया जायेगा। जिन शौचालयों में साफ-सफाई के लिये पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है वहाँ यह व्यवस्था की जायेगी। शौचालयों के रख-रखाव के लिये मरम्मत निधि से कार्य करवाये जायेंगे। पंचायत विभाग की पंच परमेश्वर योजना में भी शौचालयों की साफ-सफाई की व्यवस्था करवाई जायेगी।

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