मध्‍यप्रदेश के विकास के लिए शिवराज का सम्‍मान

भोपाल, दिसंबर 2012/ मध्यप्रदेश को बड़े राज्यों की श्रेणी में तेजी से उभरते हुए राज्य के लिए सम्मानित किया गया है। यह सम्मान चैनल आई.बी.एन.7 द्वारा नई दिल्ली में आयोजित ‘डायमंड स्टेट अवार्ड’ कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीराकुमार द्वारा दिया गया।

पुरस्कार का चयन काफी शोध के बाद आई.बी.एन. नेटवर्क और आउटलुक के संपादकीय बोर्ड द्वारा चयनित ज्यूरी के सदस्यों ने किया। ज्यूरी में अध्यक्ष रिजर्व बैंक के भूतपूर्व गवर्नर डॉ. विमल जालान और सदस्यों में भूतपूर्व केबिनेट सचिव टी.एस.आर. सुब्रमण्यम, डॉ. सेबल गुप्ता, सचिव एशियाई विकास शोध संस्था श्री एम. दामोदरन, भूतपूर्व अध्यक्ष सेबी श्री गुरचरण दास, लेखक और बुद्धिजीवी डॉ. बकुल ढोलकिया, भूतपूर्व निदेशक आई.आई.एम. अहमदाबाद शामिल थे।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी समय पिछड़ा प्रदेश माने जाने वाले मध्यप्रदेश के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश की विकास दर अब 12 प्रतिशत हो गई है और कृषि विकास दर देश में सर्वाधिक 18.68 प्रतिशत रही है। उन्होंने बताया कि सात साल पहले जब उन्होंने सत्ता संभाली थी तब बिजली, सड़क, पानी की स्थिति काफी खराब थी। अब बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश उद्योगों को 24 घंटे बिजली देने वाला देश का अकेला राज्य है। प्रदेश में फीडर सेपरेशन का काम जोरों से चल रहा है। सेपरेशन के बाद उद्योगों और कृषकों को अलग-अलग ऊर्जा की आपूर्ति की जायेगी और गाँंवों में सन् 2013 तक 24 घंटे बिजली उपलब्ध करा दी जायेगी।

श्री चौहान ने कहा कि अभी तक 85 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। सिंचाईं का रकबा 7 लाख से बढ़कर 21 लाख हेक्टेयर पहुँच गया है। अगले साल यह रकबा 25 लाख हेक्टेयर तक पहुँच जायेगा। इसका सीधा प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। मालवा क्षेत्र की भूमि को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए 425 करोड़ लागत की नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना शुरू की जा रही है। परियोजना से मालवा क्षेत्र में 3 हजार गाँव को पानी मिलेगा। श्री चौहान ने कहा कि आगे हम पार्वती, कालीसिंध और गंभीर नदी से भी नर्मदा को जोड़ कर पूरे मालवा अंचल को हरा-भरा जल और सम्पन्न बनायेंगे।

हाल ही में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्पादन के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्राप्त पुरस्कार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश गेहूँ उपार्जन में देश के तीसरे स्थान पर है और शीघ्र ही पंजाब और हरियाणा की बराबरी कर लेगा। प्रदेश की गेहूँ ई-उपार्जन की व्यवस्था की पूरे देश में सराहना हुई है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए भी कई ठोस निर्णय लिये गये हैं। साथ ही शून्य प्रतिशत दर से किसानों को ब्याज दिया जा रहा है। किसानों को गेहूँ के उपार्जन के लिए 100 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया गया है।

श्री चौहान ने कहा कि कृषि प्र-संस्करण उद्योग को भी बढ़ावा दिया गया है। खाद्य प्र-संस्करण एवं जैविक खेती के लिए नीति बनाई गई है। उद्योग के क्षेत्र का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने हाल ही में सम्पन्न ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट में हुए 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के करारनामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टैक्सटाइल हब, ऑटोमोबाइल हब, सीमेंट फैक्ट्री, लघु एवं मझोले उद्योगों को बढ़ावा दिया गया है।

प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ आंदोलन शुरू किया गया है। इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी, कन्यादान, गाँव की बेटी योजना, महिला बटालियन की स्थापना, पुलिस थानों में महिलाओं के लिए विशेष हेल्प डेस्क, नौकरियों के लिए आयु सीमा में वृद्धि जैसे कई नवाचारी प्रयास किये गये हैं। श्री चौहान ने स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए सभी गरीबों का राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क इलाज कराने की जानकारी दी। प्रदेश में शुरू की गई उच्च शिक्षा ऋण गारंटी योजना के बारे में भी बताया। उन्होंने कौशल विकास के क्षेत्र में किये गये प्रयासों को भी विस्तार से बताया और कहा कि प्रदेश में पी.पी.पी. मोड में आई.टी.आई. और कई अन्य संस्थाएँ खोली गयी हैं जिनसे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिलेगा और बेरोजगारी की समस्या का भी निदान होगा।

श्री चौहान ने प्रदेश में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के बारे में भी बताया और कहा कि इससे आम आदमी को निश्चित समय अवधि में चाही गयी जानकारी एवं सेवाएँ प्रदाय की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष की तरफ मुखातिब होते हुए चुनाव सुधारों की जरूरत बताते हुए लोकसभा और विधान सभा के चुनावों को एकसाथ करवाने की मांग की। उन्होंने चुनावों के लिए स्टेट फंडिंग को जरूरी बताया और कहा कि विकास प्रक्रिया में बार-बार चुनाव होना विकास को बाधित करता है। इससे चुनावों में काले धन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

श्री चौहान ने हाल ही में देश की राजधानी में महिला के साथ दुष्कर्म होने पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस कुकृत्य से व्यथित है। इससे निपटने के लिए देश को कड़े कानून और फास्ट ट्रेक कोर्ट की स्थापना करनी होगी और दोषियों को जल्द से जल्द दंडित करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज को यौन शोषण के प्रति मानसिकता बदलने की जरूरत है।

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