मनरेगा रिकार्ड को लेकर नए दिशानिर्देश जारी

भोपाल, नवंबर 2012/ महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत जिलों में प्राप्त होने वाले आवंटन, व्यय और उससे संबंधी उपयोगिता प्रमाण-पत्र को समय पर प्रस्तुत नहीं करने तथा समुचित प्रकार से लेखा संधारण नहीं किये जाने पर आयुक्त, मनरेगा डॉ. रवीन्द्र पस्तोर ने असंतोष व्यक्त करते हुए जिलों को नये निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने जिलों के कार्यक्रम समन्वयकों को और अतिरिक्त कार्यक्रम समन्वयकों को भारत सरकार द्वारा जारी की गई मनरेगा की ‘ऑपरेशनल गाइडलाइन-2012’ के अनुसार उपयोगिता प्रमाण-पत्र भेजने को कहा है।

निर्देशानुसार आवंटन एवं व्यय संबंधी रिकार्ड संधारण के साथ-साथ उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किये जाने को भी मुस्तैदीपूर्वक संधारित किया जायेगा। ग्राम पंचायतों और क्रियान्वयन एजेंसियों को निर्धारण प्रारूप में ही प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है। उपयोगिता प्रमाण-पत्रों संबंधी समेकित जानकारी विकासखंड-स्तर से जिलों को भेजी जाएगी। जिलों से समेकित जानकारी परिषद् मुख्यालय को भेजी जायेगी। समस्त जानकारी एमआईएस पर भी अपलोड करने को कहा गया है।

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