महावीर और बुद्ध आज भी प्रासंगिक: राज्‍यपाल

भोपाल, दिसंबर 2012/ राज्यपाल राम नरेश यादव ने यहाँ आयोजित पंचकल्याणक जिन बिम्ब प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ में सम्मलित होकर पूज्य मुनि चिन्मय सागर महाराज जंगलवाले बाबा‘ से आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने कहा कि भगवान महावीर और भगवान बुद्ध के सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के सिद्धांत आज भी विश्व के लिए प्रासंगिक हैं और उनका दिखाया मार्ग लोगों को सत्य और अहिंसा के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

राज्यपाल ने मुनिश्री चिन्मय सागर द्वारा लिखित पुस्तक ‘समाज और साम्प्रदायिकता‘ का विमोचन किया। मुनिश्री ने राज्यपाल को पुस्तकों का एक सेट भी भेंट किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश योजना आयोग के उपाध्यक्ष बाबूलाल जैन, पूर्व विधायक पी.सी.शर्मा,  न्यायाधीश एन.के.जैन, स्थानीय पार्षद और बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित थे।

श्री यादव ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव विश्व-कल्याण की राह दिखाता है। इसकी मूल भावना मित्रता और वसुधैव कुटुम्बकम् का भाव प्रबल करने की है। वर्तमान में हमारे नौजवान युवक-युवतियाँ पाश्चात्य सभ्यता और भौतिकवाद के जाल में फँसते जा रहे हैं इससे हम संतों के मार्गदर्शन पर चलकर ही निकल सकते हैं।

मुनिश्री चिन्मय सागर ने कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता हमारे देश की संस्कृति, सभ्यता को पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचाने की है। हमें अपने ऊपर गर्व होना चाहिए कि हमने भारत में जन्म लिया है। युवाओं को देश की संस्कृति, सभ्यता को समझना और उसे अपनाना चाहिए। समाज का हर वर्ग चाहे वह राजनेता हो, मंत्री हो या आम इंसान सबको माँस, मदिरा से दूर रहने और नशामुक्ति की शपथ लेने की आवश्यकता है इससे देश और समाज की बड़ी समस्याएँ हल हो जायेगी। आज सबसे बड़ी चिंता इंसान में जीवन मूल्यों की समाप्ति है। देश में मानवता बनाये रखने और साम्प्रदायिकता को खत्म करने की आवश्यकता है। इसके लिए देश, समाज और धर्म में समन्वय स्थापित करना होगा।

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