महिला उत्पीड़न संबंधी अपराधों में त्वरित कार्यवाही

भोपाल, फरवरी 2013/ महिला उत्पीड़न एवं बलात्कार संबंधी चिन्हित अपराधों में प्रदेश में त्वरित कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा में प्रकरणों की विवेचना कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। न्यायालय में भी त्वरित निर्णय हो रहे हैं और न्यायाधीशों द्वारा अपराधियों को कठोर सजा सुनाई जा रही है।

वर्ष 2012 में कुल 226 जघन्य एवं सनसनीखेज गंभीर प्रकृति के प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 75 प्रकरण महिलाओं के साथ घटी आपराधिक घटनाओं से संबंधित है। इन प्रकरणों में विवेचना एवं अभियोजन स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मॉनीटरिंग की जा रही है। परिणामस्वरूप इस प्रकार के प्रकरणों में 61 प्रतिशत की सजा की दर वर्ष 2012 में रही है।

धार में आरोपी को 35 दिवस में सजा

धार जिले के मनावर थाना के ग्राम तलाईपुरा करोली में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कृत्य और गला दबाकर हत्या करने के मामले में आरोपी सुनील बलाई को मृत्युदण्ड से दण्डित किया गया। थाने में 31 अक्टूबर को प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और 9 दिन में अनुसंधान पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा 5 दिसम्बर को आरोपी को मृत्यु दण्ड से दण्डित किया गया। इस तरह से मात्र 35 दिन में संपूर्ण कार्यवाही पूर्ण हुई।

सतना जिले में आरोपी को 30 दिवस में सजा

सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में 8 अप्रैल को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कृत्य के अपराधी राकेश बर्मन को 24 घंटे में गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा 21 दिवस में अनुसंधान पूर्ण कर 2 मई को चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा मात्र 7 दिन में निर्णय पारित कर आरोपी को 10 वर्ष की कठोर सजा तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया।इस प्रकार घटना से निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया 30 दिन में पूरी की गई।

इसी तरह वर्ष 2012 में ही देवास में कैलाश बलाई द्वारा एक महिला भंवरबाई की हत्या एवं पैर काटकर चाँदी की कड़ी लूटने के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। जिला डिण्डोरी के थाना शाहपुर में आरोपी संतोष एवं राजकुमार द्वारा एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कृत्य की चेष्टा के प्रकरण में आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दण्डित किया गया। जिला इंदौर के थाना कसरावद क्षेत्र के आरोपी राजेन्द्र द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कृत्य किया गया और फिर उसे जलाकर हत्या का प्रयास किया गया। पीड़िता की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। प्रकरण में न्यायालय द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

इसी प्रकार जिला सीहोर के थाना सिद्दीकगंज में श्री भोपाल सिंह द्वारा अपनी पत्नी शुगनबाई की हत्या के प्रकरण में न्यायालय द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। जिला ग्वालियर के थाना विश्वविद्यालय के आरोपी निरंजन गुर्जर, राकेश कुशवाह एवं विशम्भर सिंह गुर्जर द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कृत्य करने के प्रकरण में सभी आरोपियों को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। पीड़िता को जबरदस्ती बोलेरो में बैठाकर दुष्कृत्य किया गया था। जिला खण्डवा के थाना नर्मदा नगर के आरोपी जितेन्द्र द्वारा डेढ़ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कृत्य करने के प्रकरण में आरोपी को 14 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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