माओवाद प्रभावित बालाघाट जिले में मजदूरों को ई-पेमेंट

भोपाल, फरवरी 2013/ बालाघाट जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्र की पंचायतों में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत मजदूरों को गाँवों में ही त्वरित भुगतान की व्यवस्था ई-पेमेंट द्वारा की गई है। ई-पेमेंट की इस व्यवस्था के अंतर्गत मजदूरों की राशि जिला-स्तर से सीधे जॉब कार्डधारकों के बैंक खाते में ग्राम पंचायत से डिमांड आने के मात्र कुछ घंटों में जमा करवा दी जाती है।

ई-पेमेंट व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिये जिले में ‘‘निदान’’ नाम का साफ्टवेयर तैयार किया गया है। ई-पेमेंट की व्यवस्था अब तक जिले की 693 ग्राम पंचायत में से 270 में लागू की जा चुकी है। अब इसे माओवाद प्रभावित एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र की पंचायतों में भी लागू किया जा रहा है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अल्ट्रा स्माल ब्रांच द्वारा जॉब कार्ड धारकों के खाते खोले जा रहे हैं। इस माह में सभी पंचायतों में खाते खोल दिए जायेंगे।

आदिवासी बहुल एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्र के ग्राम रिसेवाड़ा, अंधियार टोला, बम्हन गाँव, अमेड़ा-व, ओटेकसा, नेवरवाही एवं कंसूली में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा कियोस्क लगाकर गाँवों में ही मजदूरी का भुगतान प्रारंभ कर दिया गया है। इसी प्रकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा क्षेत्र के गाँवों में भी जॉब कार्डधारकों के खाते खोले जा रहे हैं। पूर्व में इन ग्रामीणों को बैंक सुविधा के लिए 40-50 किलोमीटर की दूरी तय करना होती थी। मजदूरी का भुगतान विलंब से होता था।

निदान साफ्टवेयर

मनरेगा कार्य के मस्टर रोल की कम्प्यूटर में एन्ट्री की जाती है। इस फाइल को ई-मेल द्वारा जिला पंचायत को भेज दिया जाता है। ई-मेल प्राप्त होते ही राशि मजदूर के खाते में जमा करवा दी जाती है।

निदान साफ्टवेयर मनरेगा के कार्यों में भ्रष्टाचार को रोकने में भी कारगर सिद्ध हो रहा है। इसके द्वारा तैयार मस्टर रोल में बिना बैंक खाते के किसी भी मजदूर की एन्ट्री नहीं हो सकती। सामग्री भुगतान के मामले में भी किसी भी बिल की बिना टिन नंबर के एन्ट्री नहीं होती।

ई-पेमेंट की इस व्यवस्था में मजदूरी भुगतान के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा, वृद्धावस्था पेंशन और विकलांग पेंशन, आँगनवाड़ी कार्यकर्त्ता और सहायिका का मानदेय, स्कूली बच्चों को मिलने वाली विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति, गणवेश और साइकिल की राशि भी ग्रामीणों के बचत खाते में जमा की जाएगी।

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