मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना की सौगात

भोपाल, दिसंबर 2012/ प्रदेश के वृद्धजन के लिए वर्ष 2012 सौगात से भरा रहा। मुख्यमंत्री निवास में हुई वृद्धजन पंचायत में वृद्धजन के सुझाव पर विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना बनीं। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना देश ही नहीं अपितु विश्व की अपनी तरह की पहली योजना है।

योजना का आगाज 3 सितम्बर को पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में भोपाल से रामेश्वरम् यात्रा के साथ हुआ। दूसरी यात्रा 13 सितम्बर को भोपाल से अजमेर शरीफ के लिए हुई। इसके बाद वृद्धजन को तीर्थ-यात्रा करवाने का क्रम अनवरत रूप से जारी है। वृद्धजन को रिजर्व ट्रेन द्वारा यात्रा करवाई जाती है। इसमें चाय, नाश्ता, खाना, ठहरना सब कुछ निःशुल्क रहता है।

29,600 वृद्धजन ने की तीर्थ-यात्रा

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में दिसम्बर माह तक 30 तीर्थ-यात्री ट्रेन विभिन्न धार्मिक-स्थल के लिए रवाना हुई। इनमें लगभग 29 हजार 600 वृद्धजन मनचाही तीर्थ-यात्रा कर चुके हैं। इनमें से लगभग 6 हजार वृद्धजन ने रामेश्वरम्, 4,925 ने वैष्णोदेवी, 5,910 ने जगन्नाथपुरी, 1,970 ने अजमेर शरीफ, 985 ने काशी, 2,955 ने तिरुपति, 1,970 ने द्वारकापुरी, 985 ने पुरी और 2,955 वृद्धजन ने शिर्डी की तीर्थ-यात्रा की।

इस योजना में तीर्थ-यात्रा के लिए 17 तीर्थ-स्थान का चयन किया गया है। ये स्थान हैं- श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री जगन्नाथपुरी, श्री द्वारकापुरी, हरिद्वार, अमरनाथ, वैष्णोदेवी, शिर्डी, तिरुपति, अजमेर शरीफ, काशी, गया, अमृतसर, रामेश्वरम्, सम्मेदशिखरजी, श्रवण बेलगोला और वेलांगणी चर्च नागपट्टनम्। इनमें से किसी भी एक तीर्थ-स्थान की यात्रा 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजन कर सकते हैं। यात्रा में शामिल होने वाले वृद्धजन को आयकरदाता नहीं होना चाहिए।

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