मुख्यमंत्री ने मांगे विकास योजनाओं के 1062 करोड़

भोपाल, दिसम्बर 2014/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात कर राज्य की नगरीय विकास योजनाओं की 1062 करोड़ की लंबित केन्द्रीय सहायता राशि जारी करने का अनुरोध किया।

उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि जवाहरलाल नेहरू नवीनीकरण मिशन में 31 मार्च 2012 के पूर्व स्वीकृत योजनाओं के विरुद्ध 347 करोड़ तथा उसके बाद की योजनाओं की 60 करोड़, इस प्रकार 437 करोड़ की केन्द्रीय सहायता लंबित है। यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी योजना में 227 करोड़ तथा 13वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान अंतर्गत जनरल बेसिक ग्रान्ट 264 करोड़ एवं परफार्मेंस ग्रांट की 429 करोड़ की राशि, इस प्रकार 698 करोड़ की केन्द्रीय सहायता लम्बित है।

श्री चौहान ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय अभिशासन एवं नगर प्रबंधन संस्थान की स्थापना के लिए राज्य ने 26 एकड़ भूमि सुलभ करवाते हुए 14 करोड़ की राशि आवंटित कर दी है। फिलहाल यह संस्थान एक किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है जिसमें हिन्दी के संबंधित विषयों के दक्ष शिक्षक प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। देश के अन्य हिन्दी भाषी राज्यों मसलन राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, बिहार, झारखंड तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के नगरीय निकाय भी इस संस्था से लाभान्वित होंगे। इस संस्थान एवं इसके डाटा सेन्टर के लिए राज्य को 60 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता प्राप्त होनी है, जो अभी तक लम्बित है। अतः राज्य की विविध नगरीय निकाय योजनाओं के लिए 1062 करोड़ की केन्द्रीय सहायता अपेक्षित है।

केन्द्रीय मंत्री ने केन्द्रीय सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने हाल ही में राज्य में नगरीय निकायों के चुनाव के परिणामों में मिली कामयाबी पर मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया।

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