रबी में बिजली का पूरा इंतजाम करने के निर्देश

भोपाल, दिसंबर  2012/ राज्य शासन ने रबी मौसम में प्रदाय की जा रही बेहतर बिजली की समुचित व्यवस्था को बनाये रखने और तीन दिन में खराब ट्रांसफार्मर बदलने की व्यवस्था के लिये आवश्यकतानुसार संसाधन बढ़ाने के निर्देश विद्युत वितरण कम्पनियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ऊर्जा विभाग की समीक्षा के बाद दिये गये इन निर्देशों में सिस्टम में क्षमता के अनुसार कृषि-पम्पों को लगातार 8 घंटे विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने के साथ ही फीडर विभक्तिकरण कार्यों को समय पर पूरा करने को कहा गया है। इसके अलावा पॉवर जनरेटिंग कम्पनी को ताप विद्युत गृहों की इकाइयों के रख-रखाव तथा कोयला एवं ऑइल खपत को मानक के अनुरूप लाने के निर्देश दिये गये हैं।

ऊर्जा सचिव मोहम्मद सुलेमान द्वारा जारी निर्देशों में कम्पनियों से अगले वित्तीय वर्ष में विद्युत की माँग तथा उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए बिजली उपलब्धता को बढ़ाने के लिये समय पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा भविष्य में सुचारु विद्युत व्यवस्था बनाये रखने तथा वित्तीय साध्यता सुनिश्चित करने के लिये वित्तीय वर्ष 2020 तक की दीर्घकालीन योजना भी बनाने के निर्देश दिये गये हैं।

इसी तरह बिजली बिल संबंधी शिकायतों तथा उनके त्वरित निराकरण के लिये आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है। विद्युत कम्पनियों द्वारा तैयार किये जा रहे बिलों को सरल बनाये जाने के लिये विद्युत नियामक आयोग से अनुरोध करने को कहा गया है। सचिव, ऊर्जा ने कहा है कि जबलपुर, इंदौर, भोपाल तथा बुरहानपुर जिलों में फीडर विभक्तिकरण के कार्य पूर्ण किये जाने के बाद जनवरी, 2013 से 24 घंटे विद्युत प्रदाय शुरू किया जा सकेगा। फरवरी, 2013 में मण्डला, धार, शहडोल, रतलाम तथा अशोकनगर जिले में भी 24 घंटे विद्युत प्रदाय प्रारंभ किया जायेगा। उन्होंने कम्पनियों को निर्देश दिये कि मई, 2013 तक शेष सभी जिलों में भी 24 घंटे विद्युत प्रदाय प्रारंभ किया जाये। श्री सुलेमान ने फीडर सेपरेशन की भौतिक तथा वित्तीय प्रगति में आ रहे असामान्य अंतर के कारणों का पता लगाते हुए व्यवस्था को ठीक करने पर बल दिया।

निर्देशों के अनुसार राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के कार्यों में गति लाने को कहा गया है। नये स्थापित किये जा रहे 33/11 के.व्ही. उप-केन्द्रों का कार्य मार्च, 2013 तक और ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि तथा अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाये जाने के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर दिसम्बर, 2012 तक पूर्ण किया जाना है।

ताप बिजली घर मानक के अनुरूप चलें

ऊर्जा सचिव ने ताप विद्युत उत्पादन गृहों की इकाइयों का समय पर रख-रखाव सुनिश्चित करने तथा कोयला एवं ऑइल खपत को मानक के अनुरूप लाने के लिये पॉवर जनरेटिंग कम्पनी को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही कोल इण्डिया लिमिटेड द्वारा ए तथा बी श्रेणी का कोयला दिये जाने से अतिरिक्त वित्तीय भार की जानकारी भारत सरकार कोयला मंत्रालय को देने के निर्देश दिये गये हैं। इसी तरह अमेलिया कोल ब्लॉक की प्रथम चरण की वन स्वीकृति के लिये पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तथा श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की इकाइयों को समय पर क्रियाशील किये जाने के लिये भारी उद्योग मंत्रालय के स्तर पर सम्पर्क करने को कहा गया है।

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