राघवजी ने पेश किया चुनावी मुनाफे का बजट

भोपाल, फरवरी 2013/ चुनावी साल में अपना लगातार दसवां बजट पेश करने का कीर्तिमान बनाते हुए वित्तमंत्री राघवजी ने गांव और शहर दोनों का ध्‍यान रखा। उन्‍होंने गैस सिलेंडर की कीमतों से जूझ रहे परिवारों को राहत देते हुए घरेलू गैस पर प्रवेश कर 6.47 प्रतिशत से घटाकर 2 फीसद कर दिया है। इससे सब्सिडी वाले प्रति सिलेंडर पर 20 रुपए और गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में 45 रुपए की कमी आएगी। कृषि क्षेत्र के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं।

एक लाख 2447 करोड़ के बजट प्रस्तावों में 170  करोड़ के नए कर लगाते हुए इतनी ही राशि की कर रियायत देकर हिसाब किताब बराबर कर दिया गया है। घरेलू गैस पर 80 करोड़ की राहत दी है, तो दूसरी तरफ शराब पर पर पांच फीसद वैट लगाकर 120 करोड़ जुटाने का इंतजाम है। अभी तक यह वैट सिर्फ बार से बिकने वाली शराब पर लगता था। अपने इस चुनावी बजट में सरकार ने करों में राहत देने के बजाय विभिन्ना कल्याणकारी और विकास योजनाओं में ज्यादा पैसा लगाकर प्रदेश की अधिकाधिक आबादी को लुभाने की कोशिश की है। बजट राहत में घरेलू गैस, नमकीन तथा सौ रुपए से कम कीमत वाली टॉफियों तथा मवेशियों की खली में प्रयुक्त तिलहनों को छोड़ दिया जाए तो बाकी की राहत प्रदेश में स्थापित टेक्सटाइल या लोहे के उद्योगों के उत्पादों को दूसरे राज्यों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाने के लिहाज से दी गई है।

वित्त मंत्री राघवजी का फोकस शहरों, किसान, गांव, शहर, सिंचाई , बिजली, सड़क, ग्रामीण विकास से लेकर अनूसूचित वर्गों से लेकर अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्गों के कल्याण पर रहा। उन्‍होंने स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं के विस्तार को भी तवज्जो दी है, तो सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए भरपूर रकम बजट में रखी है।

किसे क्या मिला-

-दलित आदिवासी परिवार के कमाऊ व्‍यक्ति की प्रताड़ना से मौत, हत्या या असमर्थता पर दो लाख के बजाय 5 लाख की राहत राशि।

-एससी-एसटी छात्रों को सरकारी और स्वशासी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पर लैपटॉप।

-आईटीआई के एससी-एसटी छात्रों को 140 के बजाय 235 रुपए मासिक वजीफा।

-आदिवासी छात्रों के लिए जबलपुर और श्योपुर में नए खेल परिसर।

-अनुसूचित वर्ग के छात्रों को पीएचडी का वजीफा आठ की जगह सोलह हजार रुपए।

-खेल परिसरों में रहने वाले खिलाड़ियों के भोजन पर 25 की बजाय 100 रुपए प्रतिदिन और खेल किट पर 850 की बजाए 3 हजार रुपए की मदद।

-पंद्रह शहरों में हॉकी एस्ट्रोटर्फ के लिए तीन करोड़।

-जबलपुर में तीरंदाजी प्रशिक्षण के लिए एकलव्य तीरंदाजी अकादमी।

-किसानों को उचित दरों पर किराए पर कृषि यंत्र देने के लिए हर जिले में कस्टम हायरिंग केंद्र। 250 केंद्रों के लिए 32 करोड़।

-बुंदेलखंड और बघेलखंड को तीन सालों में छिटका पद्धति की खेती से मुक्त करने का लक्ष्य।

-किसानों को गेहूं बोनस सब्सिडी के लिए 1050 करोड़ और बिजली में 1700 करोड़ की राज सहायता।

-अनुसूचित वर्गों को पांच हॉर्स पावर तक के कृषि पंप और एकबत्ती कनेक्शनधारियों को मुफ्त बिजली के लिए 400 करोड़ की राज सहायता।

भोपाल के भारत भवन में रंगमंडल फिर शुरू होगा। मुरैना में अटल बिहारी संस्कृति एवं कला केंद्र।

-महिला अपराध शाखा के लिए पांच सौ नए पद और 23 करोड़ का प्रावधान।

हौसला बढ़ाने के लिए पुरस्कार-

– महिलाओं की रक्षा के मामले में अहिल्‍याबाई सम्‍मान

-शहरों में साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था के लिए निकायों को वाल्मीकि पुरस्कार।

-उत्कृष्ट काम पर नगर निगम को एक करोड़, नगर पालिका को पचास लाख और नगर परिषद को 25 लाख का नकद पुरस्कार।

-जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर क्रमश: दो लाख, 50 हजार और 25 हजार का उत्कृष्ट जैविक कृषक पुरस्कार।

-एमएसएमई सेक्टर में जो औद्योगिक इकाइयां रोजगार के सर्वाधिक मौके पैदा करंेगी, उनमें से प्रथम तीन इकाइयों को पांच लाख, तीन लाख और दो लाख का दत्तोपंत ठेंगड़ी पुरस्कार मिलेगा।

-हस्तशिल्प के उत्कृष्ट शिल्पियों को विश्वकर्मा पुरस्कार।

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