राजधानी से 48 जिला मुख्यालय 2 लेन मार्ग से जुड़े

भोपाल, फरवरी 2013/ प्रदेश में कपिलधारा योजना में लाभान्वित अनुसूचित जाति, जन-जाति वर्ग के 72 हजार 253 किसान को कुंओं के लिए डीजल पम्प प्रदाय किए गए हैं। इस योजना के लिए भारत सरकार से राशि प्राप्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। कपिलधारा योजना में अनुसूचित जाति, जन-जाति के अन्य ऐसे किसान जिनके कुंए निर्मित हो गए हैं उनका सर्वेक्षण करवाया जा रहा है ताकि उन्हें भी डीजल पम्प का लाभ मिल सके। यह जानकारी यहाँ राज्य सरकार के 70 सूत्री संकल्प की समीक्षा के दौरान दी गई। मुख्य सचिव आर. परशुराम ने दस विभाग से जुड़े संकल्प के बिंदुओं पर की गई कार्यवाही एवं प्रचलित कार्यवाही की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी ग्रामों को बारहमासी संपर्क सड़कों की सुविधा उपलब्ध करवाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में 1201 सड़कें एवं 8592 पुल-पुलियों के निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। संभागीय मुख्यालयों को प्रदेश मुख्यालय से 4 लेन द्वारा एवं जिला मुख्यालयों को 2 लेन द्वारा जोड़ने पर भी कार्य हो रहा है। प्रदेश के 48 जिले 2 लेन मार्ग द्वारा मुख्यालय से जोड़े जा चुके हैं। दो जिले सिंगरौली एवं अशोकनगर भी शीघ्र ही 2 लेन मार्ग से राज्य मुख्यालय से जुड़ जाएंगें।

समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2009 के स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 72 से घटकर 59 हो गई है । इस वर्ष कम करते हुए इसे 50 तक लाने का लक्ष्य है। इसी तरह मातृ मृत्यु दर भी 335 प्रति लाख से घटकर 310 प्रति लाख की जा चुकी है। यह दर 225 प्रति लाख करने का लक्ष्य है। वर्ष 2012 के स्वास्थ्य सर्वेक्षण का प्रतिवेदन आगामी मई माह में आएगा जिसमें मध्यप्रदेश की स्थिति में और अधिक सुधार आ सकता है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में लागू स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरुरतमंद लोगों तक पहुँचाने पर पूरा ध्यान दिया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में सकल प्रजनन दर, प्रतिवर्ष कम हो रही है। वर्ष 2005-06 में यह दर 3.06 थी जो घटकर 3.1 हो गयी है। इसे 2.6 तक लाने का संकल्प लिया गया है। आज की बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में लिंगानुपात संतुलन बनाए रखने और बालिका भ्रूण हत्या को रोकने के पूरे प्रयास किये जाये।

बताया गया कि प्रदेश में सभी नगरीय निकायों में फायर ब्रिगेड व्यवस्था का लक्ष्य है। प्रदेश में 360 में से वर्तमान में 220 निकाय में ये व्यवस्था की जा चुकी है। 93 अन्य निकायों के लिए फायर ब्रिगेड ली जा चुकी हैं। मुख्य सचिव ने यह कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रदेश में 180 नगर की विकास योजना तैयार कर जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवायी जा रही है। मुख्य सचिव ने आयुक्त नगरीय प्रशासन को इस कार्य के लिए रोड मेप तैयार कर समयबद्व रूप से कार्य संपादन के निर्देश दिए।

प्रदेश के सभी जिलों में पिछड़ा वर्ग के लिए 100 सीटर छात्रावास निर्माण के लक्ष्य के तहत 38 जिलों में छात्रावास निर्मित हो गए हैं। बैठक में ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण की प्रगति की जानकारी भी दी गई। इसके अनुसार 406 भवन का निर्माण पूरा हो गया है। प्रत्येक 5 किलोमीटर में विद्यालय भवन के लक्ष्य को पूरा करते हुए 2 वर्ष में 944 विद्यालय के लिए भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त की गई है। राज्य सरकार की ओर से 100 माध्यमिक विद्यालय का हाई स्कूल में उन्नयन किया गया है। मुख्य सचिव ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में निजी क्षेत्र से सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए। खेल मैदानों के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा सर्वे करवाकर उन विद्यालयों के लिए खेल मैदान की सुविधा विकसित की जाए जहाँ वर्तमान में यह सुविधा नहीं है। बैठक में बताया गया कि प्रत्येक गाँव में खेल मैदान की सुविधा विकसित करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा रहा है। अब तक 2778 खेल मैदान विकसित किए जा चुके हैं। खेल किट के रूप में एक लाख रुपए की राशि उपलब्ध करवाई गयी है। पायका के अंतर्गत 4 हजार पंचायत को यह सुविधा मिल गयी है।

मुख्य सचिव ने जिन विभाग के संकल्प बिंदुओं की समीक्षा की उनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अनुसूचित जाति, आदिम-जाति कल्याण, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास और खेल एवं युवा कल्याण विभाग शामिल हैं। इन विभाग से संबंधित बिंदुओं की मुख्य सचिव द्वारा विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यो की प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई।

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