विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – मुख्यमंत्री

भोपाल, नवंबर 2012/ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि मजदूरी भुगतान में कहीं भी विलम्ब नहीं हो। मनरेगा सहित अन्य किसी भी योजना की मजदूरी का जहाँ भुगतान नहीं हो पाया है वहाँ कैम्प लगाये जाये। मुनादी करके अधिकारियों की मौजूदगी में भुगतान करवाया जाय। उन्होंने कहा है कि विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा के किनारों पर सघन वृक्षारोपण के लिये मिशन मोड पर हरियाली चुनरी योजना संचालित की जाय।

श्री चौहान यहाँ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मंत्री गोपाल भार्गव, राज्य मंत्री देवसिंह सैयाम व अन्‍य वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हुए कार्यों का प्रतिष्ठित गैर शासकीय संगठनों से सामाजिक अंकेक्षण करवाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि कार्य में गड़बड़ी पाये जाने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाये। पंच परमेश्वर योजना में गाँव में सी.सी. रोड निर्माण का काम तेजी से समय पर पूरा हो और वित्तीय अनुशासन का सख्ती से पालन किया जाए। विलंब के लिये जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए हरियाली चूनर योजना में नर्मदा किनारों पर हुए सफल वृक्षारोपण कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा वन विभाग संयुक्त रूप से इस योजना को मिशन-मोड में संचालित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में रोजगार के साथ-साथ मनरेगा के जरिये मध्यप्रदेश में सार्वजनिक उपयोग की परिसंपत्तियाँ बड़े पैमाने पर निर्मित हुई हैं। मनरेगा उपयोजनाओं की समीक्षा में उन्होंने नंदन फलोद्यान, मेढ़ बंधान योजना तथा कपिलधारा कुओं से हितग्राहियों के जीवन में आए बदलाव की सराहना भी की। चौहान ने पात्रता के अनुसार लघु तथा सीमांत कृषकों को मेढ़ बंधान योजना का लाभ बड़े पैमाने पर दिये जाने की जरूरत बतलाई। बताया गया कि चालू माली साल में अभी तक मनरेगा में 6 करोड़ 8 लाख मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध करवाया जा चुका है। इस पर 14 अरब 37 करोड़ से अधिक राशि खर्च हुई है। प्रदेश के 70371 गाँवों में बैकिंग सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं, जहाँ मजदूरी की राशि सीधे मजदूरों के खातों में जमा होगी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के जरिये प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में गरीब तबकों के एक लाख प्रकरण मंजूर होने पर प्रसन्नता जतलाई गयी। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और जिला गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कौशल संवर्धन की उल्लेखनीय सफलताओं को भी सराहा। इस साल अब तक 14 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। वहीं विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये 102 युवकों को नेवी में नियुक्ति मिली है। सागर जिले के बाद अब रीवा, नरसिंहपुर और शिवपुरी जिलों में इस तरह के सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे। इसके साथ ही सेना की जरूरतों को देखते हुए ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना, शिवपुरी जिलों में बड़े पैमाने पर युवाओं को सेना में भर्ती के लिये प्रशिक्षण दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर ही भवन निर्माण की राशि स्वीकृत की जाय। बैठक में समग्र स्वच्छता अभियान, मध्यान्ह भोजन योजना, एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष योजना (बी.आर.जी.एफ.), इंदिरा आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, एकीकृत विकास कार्यक्रम (आई.ए.पी.) की भी समीक्षा की गयी।

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