शिक्षण संस्थान गुणवत्ता पर भी ध्यान दें : राष्‍ट्रपति

भोपाल, जून 2013/ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों की संख्या के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ने नवाचार पर जोर दिया और कहा कि नवाचार विकास की धुरी है। श्री प्रणब मुखर्जी गुरुवार को राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डी.पी. अग्रवाल को डी.एससी. की उपाधि और विद्यार्थियों को पी-एच.डी. की डिग्री प्रदान की।

राष्ट्रपति ने ‘‘पॉलिसी फॉर वूमेंस सेफ्टी सिक्योरिटी एण्ड इम्पावरमेंट’’ पुस्तिका का विमोचन, नॉलेज रिसोर्स सेंटर बिल्डिंग का शिलान्यास और स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेस ब्लॉक तथा स्कूल ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी ब्लॉक का लोकार्पण किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं को समझना चाहिये कि लोकतंत्र हमें सिर्फ अधिकार ही नहीं देता, बल्कि इसके साथ जिम्मेदारियाँ भी जुड़ी हैं। विद्यार्थियों में मातृ-भूमि के प्रति प्रेम, कर्त्तव्यों को प्राथमिकता और विविधता के प्रति सहिष्णुता तथा बुजुर्गों एवं महिलाओं के प्रति सम्मान होना बहुत जरूरी है।

शिक्षा में अनुसंधान पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि नैनो-टेक्नोलॉजी, बॉयो-टेक्नोलॉजी और अन्य तकनीक का उपयोग स्थाई विकास के लिये होना चाहिये। राज्यपाल रामनरेश यादव, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, तकनीकी शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, संघ लोक सेवा आयोग के चेयरमेन प्रो. डी.पी. अग्रवाल ने भी संबोधित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति पीयूष त्रिवेदी ने दीक्षांत प्रतिवेदन का वाचन किया।

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