सिंहस्थ की व्यवस्थाएँ योजनाबद्ध, पारदर्शी हों

भोपाल, अक्टूबर 2014/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आगामी सिंहस्थ से दुनिया को मानव कल्याण का संदेश पहुँचे। मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन का विश्वव्यापी प्रचार हो। आयोजन की सनातन परम्परा के अनुरूप श्रेष्ठतम और सुन्दरतम व्यवस्थाएँ की जाये। सिंहस्थ के सभी कार्य स्तरीय तथा पारदर्शी प्रक्रिया से समय पर पूरे किये जाये।

श्री चौहान यहाँ सिंहस्थ की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ धार्मिक पर्यटन का एक ऐतिहासिक और बड़ा अवसर है। इससे जुड़ी सभी व्यवस्थाएँ बेहतर, योजनाबद्ध और समय-सीमा में हो। सिंहस्थ में सनातन स्वरूप के साथ वर्तमान की प्रासंगिक समस्याओं पर विचार हो। इसके माध्यम से दुनिया को पर्यावरण बचाने, सब धर्मों की मूलभूत एकता, नैतिक शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया जाये। बताया गया कि उज्जैन में वर्ष 2016 में होने वाले सिंहस्थ में करीब 5 करोड़ श्रद्धालु के आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के बारे में पूरी दुनिया को जानकारी देकर लोगों को आमंत्रित करें। भारतीय मूल के दुनियाभर में बसे लोगों को भी आमंत्रित किया जाये। आयोजन में आधुनिकतम तकनीक का उपयोग करें। सिंहस्थ की तैयारियों में जन-प्रतिनिधियों और जनता की भागीदारी रहे। सिंहस्थ के लिये क्षिप्रा के घाटों का विश्व-स्तरीय सौन्दर्यीकरण किया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ संबंधी सभी कार्यों के लिये पारदर्शी प्रक्रिया अपनायी जाये तथा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये। वे हर माह सिंहस्थ की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ मेला क्षेत्र के लिये 4000 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जायेगी। अप्रैल 2016 से दो माह का यह आयोजन शुरू होगा। प्रशासनिक व्यवस्था के लिये मेला क्षेत्र में 6 जोन, 16 सेक्टर और 42 थाने बनाये गये हैं। सिंहस्थ का प्रथम स्नान 22 अप्रैल, शाही स्नान 21 मई तथा अन्य स्नान 9, 11, 17 और 19 मई 2016 को होंगे। इस दौरान पंचक्रोषी यात्रा 1 से 6 मई 2016 तक होगी। सिंहस्थ के लिये जी.आई.एस. आधारित व्यवस्था की जायेगी। रेलवे द्वारा छह फ्लेग स्टेशन बनाये जायेंगे। सिंहस्थ के दौरान करीब 20 हजार प्रशासनिक, 23 हजार पुलिस तथा 60 हजार वालेंटियर्स का अमला लगेगा। सिंहस्थ के 4000 हेक्टेयर क्षेत्र को धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के लिये शहर के रूप में प्लान किया जायेगा। यातायात प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाएँ की जायेंगी। सिंहस्थ के लिये राज्य शासन द्वारा करीब 773 करोड़ रूपये लागत के 144 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। सिंहस्थ के दौरान स्नान के लिये सवा सात किलोमीटर लंबे घाटों का सौन्दर्यीकरण तथा नये घाटों का निर्माण किया जायेगा। मेला अवधि के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

सिंहस्‍थ तैयारी एक नजर में-

सिंहस्थ के लिय 4000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित।

कोई 5 करोड़ श्रद्धालु का आगमन संभावित।

पेशवाई अप्रैल 2016 को।

प्रथम स्नान 22 अप्रैल।

शाही स्नान 21 मई, अन्य स्नान 9,11,17,19 मई।

एक से छह मई तक पंचक्रोशी यात्रा।

विश्व के 100 देश से भी श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद।

23 हजार पुलिस बल तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं में 80 हजार की तैनाती। इसमें 60 हजार वालेंटियर्स शामिल।

जमीन अधिग्रहण अगले अप्रैल से। किसानों को दो फसल का मुआवजा।

सिंहस्थ व्यवस्थाओं-निर्माण के लिये 773 करोड़ रूपये स्वीकृत।

सवा सात किलोमीटर के नये-पुराने घाटों में होगा स्नान।

दो पवित्र नदी क्षिप्रा-नर्मदा के मिलन का साक्षी बनेगा सिंहस्थ।

खान नदी डायवर्ट होगी, नहीं मिलेगा प्रदूषित जल क्षिप्रा में।

उज्जैन में आवागमन के विस्तार के लिये बाहरी रिंग रोड, आंतरिक रिंग रोड की चौकस व्यवस्था।

उज्जैन में 146 किलोमीटर शहरी रोड की मरम्मत तथा निर्माण।

सिंहस्थ क्षेत्र में 100 किलोमीटर अस्थायी सड़कें।

स्विस टेंटों में आगन्तुकों के लिये 5 सितारा व्यवस्था।

पूरे माह होंगे सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन।

मानव-कल्याण का संदेश देगा सिंहस्थ।

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