सी.सी. रोड ने बदला पाथर गाँव का नजारा

भोपाल, फरवरी 2013/ गाँव की पहचान वहाँ की सड़कों से होती है। यही सड़कें विकास की राह तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसका उदाहरण है शहडोल जिले का गाँव ‘‘पाथर’’। इस गाँव में सी.सी. रोड बनने से गाँव का नजारा ही बदल गया है। पाथर गाँव में पंच परमेश्वर योजना तथा मनरेगा स्कीम के कन्वर्जेंस से पक्की सड़क क्या बनी, लोगों की बहुतेरी समस्याएँ खत्म हो गईं।

गाँव के ही एक निवासी रज्जू सिंह इतने अधिक उत्साहित हैं कि वे यह कहते नहीं थकते कि बरसात के दिनों में हमारे गाँव में चारों तरफ कीचड़ हो जाने से घर से निकलना मुश्किल होता था। उनका कहना है कि जब से गाँव के अन्दर सी.सी. रोड बना है तब से इन दिक्कतों से छुटकारा मिल गया है। अब गाँव के लोग प्रसव के लिए अपने घर तक बे-रोक टोक वाहन लाने लगे हैं। फेरी वाले भी स्वयं लोगों के घरों तक पहुँचकर रोजमर्रा की सामग्री उपलब्ध करा देते हैं। बरसात के दिनों में बच्चों को भी स्कूल आने-जाने की सहूलियत सड़क से हो गई है।

गाँव में पक्की सड़क के निर्माण के साथ ही मार्ग के दोनों ओर नालियाँ भी बन रही हैं। इससे पानी अब सड़कों पर न बहकर नालियों में जा रहा है। जिला पंचायत द्वारा शहडोल जिले की सभी पाँच जनपद पंचायत में 433 निर्माण कार्य स्वीकृत कर प्राथमिकता के आधार पर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अलावा जिले में 65 किलोमीटर से अधिक सी.सी. रोड निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। अब तक 30 किलोमीटर से अधिक सी.सी. रोड बनवायी भी जा चुकी है।

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