स्कूली पाठ्यक्रम प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप बदलेगा

भोपाल, मई 2014/  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी के पाठ्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यकता के अनुरूप परिवर्तन किया जाय। अगले शैक्षणिक सत्र से योग शिक्षा को पाठयक्रम में शामिल किया जाय। स्कूलों की भूमि से अतिक्रमण सख्ती से हटाये जाये। मुख्यमंत्री यहाँ स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन और मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। शासकीय स्कूलों को हर दृष्टि से बेहतर बनायें। शिक्षकों से बेहतर संवाद बनायें, उनकी समस्या का निराकरण प्राथमिकता से करें। बच्चों को बेहतर नागरिक संस्कार देने वाली तथा जीवन को बेहतर बनाने वाली बातों को पाठ्यक्रम में शामिल करें। शिक्षकों के पदों का युक्तियुक्तकरण काउंसलिंग कर करें। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित और अंग्रेजी के शिक्षण के लिये वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की जाय। सभी शासकीय हायर सेकेण्डरी और हाईस्कूल में प्रयोगशाला और लायब्रेरी की उपलब्धता की कार्य-योजना बनायें। इसके लिये संसाधनों की व्यवस्था की जायेगी।

‘स्कूल चलें हम’ अभियान की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की समीक्षा की। इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने को कहा। बताया गया कि अभियान से प्रेरकों को जोड़ने के लिये मिस्ड कॉल की सुविधा 26 मई से शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से वॉलिंटियर अभियान से हर स्तर पर जुड़ सकते हैं। यह अभियान 6 से 14 वर्ष तक की उम्र के सभी बच्चों का शाला में नामांकन करवाने के लिये आगामी 16 जून से 16 जुलाई तक चलाया जायेगा। अभियान के लिये अलग से वेबसाइट भी तैयार की जा रही है।

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