स्कूलों में बच्चों को मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना न हो

भोपाल, अगस्त  2014/ स्कूलों में बच्चे किसी भी तरह मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित न हों। स्कूल प्रबंधन एवं प्राचार्यों को यह बात भली-भाँति सुनिश्चित कर लेनी चाहिये। आज यहाँ म.प्र. बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी ने दो-दिवसीय विशेष बेंच में प्रकरणों की सुनवाई की। आयोग की सदस्य सुश्री आर.एच. लता एवं विभांषु जोशी भी उपस्थित थे। विशेष बेंच के प्रथम दिन 17 प्रकरण निराकरण के लिये प्रस्तुत किये गये।

श्रीमती ऊषा चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत आठवीं क्लास तक के बच्चों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में आयोग द्वारा दिये निर्देशों से राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा सहमति जताते हुए स्कूल प्रबंधन एवं प्राचार्यों को बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना से संरक्षित करने के लिये कहा गया है। यदि अभिभावक को बच्चों की प्रताड़ना संबंधी कोई शिकायत है, तो स्कूल प्रबंधन को उसे सुनना होगा। शिक्षकों के पास बच्चों को प्रताड़ित करने संबंधी छड़ी, बेंत, स्केल आदि न हों, यह बात भी प्रबंधन/प्राचार्य को सुनिश्चित कर लेना चाहिये।

आयोग द्वारा दयाराम मेमोरियल आदिवासी कन्या शिक्षा आश्रम टिमरनी (हरदा), जहाँ 136 छात्राएँ निवासरत हैं, की अधीक्षिका द्वारा छात्रावास में रात्रि-विश्राम न करने पर नाराजगी व्यक्त की गई। इस संबंध में जिला संयोजक से विस्तृत जानकारी चाही गई। बालिका छात्रावास अमरपाटन, सतना में आयोग द्वारा किये गये भ्रमण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के संबंध में छात्रावासों के लिये शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की सूची छात्रावासों को सौंपी गई थी, जिसके पालन-प्रतिवेदन की जानकारी संबंधित द्वारा आयोग को दी गई। सेंट फ्रांसिस स्कूल जहाँगीराबाद, भोपाल के विरुद्ध अपर्णा मनोज ताम्रकार द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर बच्चे की फीस न देने पर शिक्षिका के अपमानजनक व्यवहार की शिकायत पर आयोग द्वारा की गई मध्यस्थता के कारण स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चे की अधिकतम फीस माफ करने के प्रति आश्वस्त किया गया तथा बच्चे एवं अभिभावक के प्रति किये गये खराब व्यवहार पर खेद व्यक्त किया गया। समाचार-पत्र में छात्राओं से करवाई गई मजदूरी संबंधी समाचार के प्रकाशन पर आयोग द्वारा लिये गये संज्ञान पर शासकीय नवीन कन्या विद्यालय, नेहरू नगर की प्राचार्य ने आयोग को वस्तु-स्थिति से अवगत करवाया। श्री भवन्स भारती पब्लिक स्कूल, केरवा-डेम भोपाल, मदर टेरेसा सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, कोलार रोड भोपाल, सेंट थामस स्कूल, अयोध्या नगर भोपाल में बच्चों की प्रताड़ना संबंधी प्रकरणों की भी आयोग ने सुनवाई कर निराकरण किया। संस्कार एकेडमी आगर द्वारा आवेदक राजेश देसाई की टी.सी. न देने पर नाराजगी व्यक्त कर प्रतिनिधि के स्थान पर एकेडमी के संचालक को उपस्थित होने के निर्देश दिये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here