‘स्थायी नहीं होती शोहरत’

अमिताभ बच्चन को हिंदी फिल्म उद्योग में मेगास्टार का दर्जा प्राप्त है. 69 साल की उम्र में भी उनकी लोकप्रियता का ग्राफ ज्यों का त्यों बना हुआ है लेकिन अमिताभ मानते हैं कि प्रसिद्धि स्थायी नहीं है और एक दिन यह खत्म हो जाएगी.

अमिताभ ने अपने ब्लाग में लिखा है कि कुछ दिन पहले हम कहीं जा रहे थे. मैं कार की अगली सीट पर बैठा था और घर की महिलाएं पिछली सीट पर थीं. आसपास से गुजरने वाले लोग मुझे पहचानने की कोशिश करते और फिर मुस्कुरा देते.

शोहरत की यह शक्ल अच्छी लगती है लेकिन कुछ मौके ऐसे भी आए हैं, जब मेरे प्रति लोगों ने अधिक रुचि नहीं दिखाई है. ऐसा कई बार हुआ है. यह निराश करने वाली बात है लेकिन इसमें एक सच्चाई छुपी है. सच्चाई यह है कि शोहरत कभी स्थायी नहीं होती. इसे एक न एक दिन जाना ही होगा.

हिंदी फिल्म जगत में 40 साल से सक्रिय अमिताभ ने कहा कि वह हर स्थिति के लिए तैयार हैं क्योंकि उन्हें काफी शोहरत मिली और उन्होंने इसका सम्मान किया. अब अगर शोहरत को खत्म ही होना होगा तो वह इसका भी सम्मान करेंगे.

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