स्वतंत्रता दिवस पर 500 करोड़ की सौगात

भोपाल। शिवराज सरकार ने आजादी की 65 वीं सालगिरह पर अपने कर्मचारियों को 500 करोड़ का तोहफा दिया है। शासन ने अग्रवाल वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए गृह भाड़ा भत्ता, नि:शुल्क आवास सुविधा, यात्रा भत्ता, वाहन/परिवहन भत्ता, अनुसूचित क्षेत्र भत्ता, अव्यावसायिक भत्ता की दरों को संशोधित करने का ऐलान किया है। इसके अलावा पेंशन सारांशीकरण की गणना केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तालिका के अनुसार करने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली है।

राज्य शासन द्वारा स्वीकार किये गये गृह भाड़ा भत्ता, अनुसूचित क्षेत्र गृह भाड़ा भत्ता, अनुसूचित क्षेत्र शासकीय आवास हेतु रियायती दर पर किराया एवं अव्यावसायिक भत्ता का लाभ शासकीय कर्मचारियों को एक नवम्बर, 2011 से मिलेगा। शेष अनुशंसाओं का लाभ कर्मचारियों को एक अगस्त, 2012 से प्राप्त होगा। इस पर प्रतिवर्ष लगभग 500 करोड़ रुपये का व्यय होगा। इस वर्ष एरियर राशि को मिलाकर करीब 700 करोड़ का भार राज्य शासन पर आयेगा।गृह भाड़ा भत्ता

इस श्रेणी में 5 लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहर में पूर्व में 8 प्रतिशत के मान से देय था। अब 7 लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहर में नये वेतनमानों में 10 प्रतिशत के मान से गृह भाड़ा भत्ता मिलेगा। दो लाख से 5 लाख तक की जनसंख्या पर 5 प्रतिशत के मान से गृह भाड़ा भत्ता मिलता था। अब 3 लाख से 7 लाख तक की जनसंख्या पर 7 प्रतिशत के मान से गृह भाड़ा भत्ता मिलेगा। 50 हजार से दो लाख तक की जनसंख्या पर वर्तमान में 4 प्रतिशत की दर से गृह भाड़ा भत्ता देय था। अब यह 50 हजार से 3 लाख तक की आबादी पर 5 प्रतिशत की दर से मिलेगा। 50 हजार से कम आबादी पर 2.5 प्रतिशत की दर से गृह भाड़ा भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब 50 हजार से कम जनसंख्या पर 3 प्रतिशत की दर से गृह भाड़ा भत्ता मिलेगा।

नि:शुल्क आवास सुविधा

पुलिस विभाग के निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक, वन विभाग के वन क्षेत्रपाल, उप वन क्षेत्रपाल, वनपाल और वन रक्षक तथा जेल विभाग के अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, मुख्य प्रहरी, प्रहरी और मेट्रन को 200 रुपये प्रतिमाह से 800 रुपये प्रतिमाह तक गृह भाड़ा भत्ता देय था। अब इसमें वृद्धि करते हुए समकक्ष वेतनमान के कर्मचारी को देय गृह भाड़ा भत्ता एवं कर्मचारी की पात्रता श्रेणी के आवासगृह हेतु न्यूनतम लायसेंस फीस तद्नुसार न्यूनतम रुपये 758 + 150 = 908 से रुपये 1629 + 425 = 2054 देय होगा।

वाहन भत्ता

मोटर कार से 300 से 800 रुपये तक दिये जाने वाले वाहन भत्ते में भी वृद्धि की गई है। अब शासकीय कर्मियों को 750 से 2000 रुपये मोटर कार भत्ता दिया जायेगा। इसी में अन्य साधन में दिये जाने वाले 100 से 230 रुपये तक वाहन भत्ते में भी वृद्धि करते हुए इसे 300 से 700 रुपये किया गया है।

दैनिक भत्ता

वर्तमान में दैनिक भत्ता के साथ मुख्यालय भत्ता तथा विशेष विराम भत्ते में भी वृद्धि की गई है। श्रेणी-ए में 80 के स्थान पर 200, श्रेणी-बी में 60 के स्थान पर 160, श्रेणी-सी में 48 के स्थान पर 120, श्रेणी-डी में 32 के स्थान पर 100 रुपये दैनिक भत्ता अदा होगा। नवीन रूप से बनाई गई श्रेणी-ई में दैनिक भत्ते की दर 70 रुपये तय की गई है। ए-श्रेणी के लिए एक दिन की यात्रा पर अब 200 रुपये, दो दिन की यात्रा पर 400 रुपये, तीन दिन की यात्रा पर 600 रुपये एवं 10 दिन की यात्रा पर 2000 रुपये की साधारण दर से दैनिक भत्ता दिया जायेगा।

यात्रा के लिये पात्रता

पहले सचिव और उससे उच्च स्तर के अधिकारी को हवाई यात्रा की पात्रता थी। अब रुपये 7600 ग्रेड पे ‘ए’ श्रेणी के अधिकारियों को हवाई यात्रा की पात्रता दी गई है। इसके साथ ही 6600 ग्रेड पे के अधिकारी को राज्य के भीतर निजी आपरेटरों द्वारा संचालित वायु सेवा की पात्रता होगी।

मील भत्ता

केवल ग्रेड पे को आधार माना जायेगा।

ठहरने के लिए पात्रता

प्रदेश के बाहर महानगर में होटल में ठहरने के लिये वर्तमान में मिल रहे 200 से 3000 रुपये के स्थान पर 500 से 4000 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। पहले मित्र/रिश्तेदारों के यहाँ रूकने पर 100 से 250 रुपये मिलते थे अब 200 से 400 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। प्रदेश के अंदर अन्य स्थानों पर रूकने पर 250 से 2000 रुपये तक मिलेंगे। पूर्व में केवल प्रथम श्रेणी अधिकारियों को यह सुविधा थी।

यात्रा के दौरान स्थानीय परिवहन

परिवहन की प्रतिपूर्ति के लिये अभी मिल रहे 100 से 1000 रुपये के स्थान पर अब 150 से 1200 रुपये प्रतिदिन और परिवहन की व्यवस्था स्वयं करने पर पूर्वानुसार 50 से 250 रुपये ही मिलेंगे।

स्थानांतरण अनुदान

वर्तमान में मिल रहे 300 से 1000 रुपये के स्थान पर 900 से 3000 रुपये की दर से मिलेगा।

वाहन भत्ता

भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को 50 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर सामान्य जन को 200 रुपये प्रतिमाह और नि:शक्तजन को 350 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। आयोग द्वारा 75 रुपये और नि:शक्त के लिये 150 रुपये प्रतिमाह की अनुशंसा की गई थी। इस तरह राज्य शासन ने आयोग की सिफारिश से बढ़कर राशि स्वीकृत की है।

अनुसूचित क्षेत्र में गृह भाड़ा भत्ता

अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को गृह भाड़ा भत्ता 22 से लेकर 126 रुपये प्रतिमाह था। इसमें भी वृद्धि की गई है। अब अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को सामान्य क्षेत्र में पदस्थ कर्मचारियों की तुलना में एक प्रतिशत अधिक दर से गृह भाड़ा भत्ता मिलेगा।

अनुसूचित क्षेत्र विशेष भत्ता

अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ शासकीय कर्मचारियों को वर्ग-1 विकासखण्ड में दिये जाने वाला विशेष भत्ता 120 से 600 रुपये की दर पर मिलता था। अब यह 400 से 1200 रुपये की दर पर मिलेगा। वर्ग-2 विकासखण्ड में दिया जाने वाला 80 से 400 रुपये के विशेष भत्ते को बढ़ाकर 300 से 900 रुपये किया गया है। इसी प्रकार वर्ग-3 विकासखण्ड में प्राप्त होने वाले 40 से 200 रुपये के विशेष भत्ते में वृद्धि की गई है। अब यह 150 से 450 रुपये दिया जायेगा।

जेल, गृह तथा वन विभाग में वर्दी भत्ता

इन विभागों में दिये जाने वाले वर्दी भत्ते में भी वृद्धि की गई है। प्रारंभिक अनुदान 800 से 2400 रुपये था। इसे बढ़ाकर 1200 से 3600 रुपये किया गया है। प्रति तीन वर्ष में दिये जाने वाले नवीनीकरण अनुदान में भी वृद्धि की गई है। पूर्व में यह अनुदान 300 से 2000 रुपये था। अब इसे बढ़ाकर 800 से 2400 रुपये किया गया है।

अव्यावसायिक भत्ता-एनपीए

शासकीय कर्मियों को अव्यावसायिक भत्ते के रूप में दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। पूर्व में अव्यावसायिक भत्ता 25 प्रतिशत की दर पर मूल वेतन 10 हजार पर 2500 रुपये देय था। अब इसे बढ़ाकर 25 हजार 200 के मूल वेतन पर 6,300 रुपये किया गया है।

 

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