स्वतंत्रता दिवस से ग्राम-सभाओं का चरणबद्ध आयोजन

भोपाल, अगस्त 2014/ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त से प्रदेश में चरणबद्ध तिथियों में ग्राम-सभाओं का आयोजन होगा। इस बार ग्राम-सभाओं में जन-कल्याण और विकास से जुड़े 25 महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा और सामूहिक निर्णय लिये जायेंगे। राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टर और जिला तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्राम-सभाओं के बारे में निर्देश भेजे हैं। निर्धारित विषयों के अलावा ग्राम-सभाओं में स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी। तिथियों और समय की जानकारी ग्राम-पंचायत भवन सहित महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर सूचना-पटल पर प्रदर्शित की जायेगी।

ग्राम-सभाओं में पंच-परमेश्वर और बीआरजीएफ योजना में मंजूर कार्यों का अनुमोदन होगा तथा नगद कोष निर्मित और संचालन प्रक्रिया निर्धारित करने पर चर्चा होगी। महिला उत्पीड़न से जुड़े मुद्दों को भी एजेण्डे में शामिल किया जायेगा। स्थाई समितियों के गठन के बारे में बातचीत की जायेगी। ग्राम-पंचायतों के क्षेत्राधिकार में आने वाले स्कूलों में शिक्षा के स्तर, शैक्षणिक केलेण्डर के अनुसार बच्चों ने निर्धारित पाठ्यक्रम का अध्ययन किया है या नहीं, स्कूलों में बच्चों के नामांकन और उनकी उपस्थिति के बारे में भी चर्चा की जायेगी।

पंचायतों में करारोपण के जरिये आय के स्रोतों में वृद्धि पर विचार पर चर्चा होगी। मौजूदा वित्तीय वर्ष में ग्राम-पंचायतों को विभिन्न मद में प्राप्त अनुदान राशि और उनके व्यय तथा उपयोग की जानकारी ग्राम-सभा में दी जायेगी। ग्राम-पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से राशन के वितरण तथा उपलब्ध सामग्री का विवरण भी ग्राम-सभा में रखा जायेगा। समग्र पोर्टल पर नागरिकों के नाम का वाचन कर उनको दिये गये व्यक्तिगत तथा परिवार आई.डी. की जानकारी दी जायेगी। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम में वृद्ध, विधवा, परित्यक्ता तथा नि:शक्त पेंशन हितग्राहियों की सूची का वाचन ग्राम-सभा में होगा। जो हितग्राही अपात्र हैं, उनके नाम विलोपित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में लाभ लेने वाले हितग्राहियों की सूची पढ़ी जायेगी। यदि किसी ने योजना का गलत लाभ लिया है तो उसकी सूचना दी जायेगी।

स्पर्श अभियान में नि:शक्तजन की पहचान, वरिष्ठ नागरिकों के लिये डे-केयर सेंटर की स्थापना, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 के बारे में भी ग्राम-सभा में बताया जायेगा। नशामुक्ति कार्यक्रम में श्रेष्ठ कार्य करने वाली ग्राम-पंचायतों को विवेकानंद पुरस्कार के प्रावधान बताये जायेंगे। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में पंचायत-स्तर पर प्राप्त आवास ऋण आवेदनों का ग्राम-सभा द्वारा प्राथमिकतापूर्वक निर्धारण किया जायेगा। एकीकृत जल-ग्रहण प्रबंधन कार्यक्रम में स्वीकृत परियोजनाओं के लिये तैयार की गई डीपीआर तथा वॉटर-शेड कमेटी और चयनित आस्था-मूलक कार्य तथा कार्यक्रम की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अनुमोदन ग्राम-सभा करेगी।

ग्राम-सभाओं में वनाधिकार अधिनियम में छूट गये पात्र हितग्राहियों के आवेदन संकलित किये जायेंगे। वृक्षारोपण कार्यक्रम पर चर्चा होगी। सामूहिक दावों के लिये भी ग्राम-पंचायतें आवेदन देंगी। बंधुआ मजदूरों की मुक्ति और उनके पुनर्वास पर चर्चा होगी। शौचालयविहीन पात्र हितग्राहियों के जॉब-कार्ड तैयार कर उनके नाम सेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट में जोड़े जायेंगे। ग्राम-पंचायत क्षेत्र के सभी स्कूल में स्वच्छता के लिये हेण्डवाशिंग-प्लेटफार्म बनाने प्रस्ताव सेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट में शामिल किये जायेंगे। ग्राम-सभा में शौचालयविहीन परिवारों की सूची तैयार की जायेगी तथा मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक गाँव को खुले में शौच से मुक्त करने की रणनीति बनाई जायेगी। ग्राम-सभा में सभी ग्रामवासी स्वच्छता की शपथ भी लेंगे।

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