स्वाइन फ्लू नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा

भोपाल, फरवरी 2013/ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कृष्ण ने प्रदेश में स्वाइन फ्लू नियंत्रण के प्रयासों की समीक्षा करते हुए सभी जिलों में एहतियातन आवश्यक कार्य संपादन के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और गुजरात में स्वाइन फ्लू के कुछ मामले पाजीटिव पाए जाने के बाद मध्यप्रदेश में आवश्यक सतर्कता बरतते हुए कदम उठाए गए हैं।

मध्यप्रदेश में स्वाइन फ्लू (इनफ्लूएंजा एच1-एन1) के प्रकरणों पर सतर्कता एवं सजगता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिलों में जिला चिकित्सालयों में एक स्वाइन फ्लू स्क्रीनिंग कक्ष बनाने एवं उसे निरंतर 24 घंटे कार्यरत किए जाने के लिए भी कहा गया है।

जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक तत्काल बुलाए जाने को कहा गया है। इन बैठकों में प्रायवेट अस्पतालों के प्रतिनिधियों को भी आवश्यक रूप से बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार के लिए केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के पालन को भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। ए श्रेणी के रोगी जो सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण वाले हैं, उन्हें तकलीफ के अनुसार दवाइयाँ उपलब्ध करवाकर घर पर आराम करने की सलाह देने को कहा गया है। बी श्रेणी के ऐसे रोगी जिनको तेज बुखार (100 डिग्री) और हाथ-पॉव, सिरदर्द की शिकायत है, उन्हें दवाई (टेमीफ्लू) उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है। सी श्रेणी के ऐसे मरीज जिन्हें अस्पताल में भर्ती कर स्वाइन फ्लू का उपचार किया जाना जरुरी है, उनकी जाँच के नमूने प्रयोगशाला में भेजकर रिपोर्ट का विश्लेषण करने को कहा गया है।

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