14 जुलाई से ग्राम पंचायतों में होंगे ”मजदूर सम्मेलन”

भोपाल, जुलाई 2014/ मध्यप्रदेश में मनरेगा में मौजूदा वित्तीय वर्ष 2013-14 में 4031 करोड़ 47 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मंजूर इस राशि से प्रदेश में जाबकार्डधारी श्रमिकों को 1453.48 लाख मानव दिवस का रोजगार मुहैया करवाया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की कार्यकारिणी समिति की बैठक में वार्षिक लेबर बजट का अनुमोदन किया गया। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती अरूणा शर्मा, आयुक्त मनरेगा डॉ. रविन्द्र पस्तोर सहित कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद थे।

मंत्री ने विकास कार्यों के बेहतर पर्यवेक्षण के मकसद से सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापक इस्तेमाल पर जोर देते हुए यथाशीघ्र ग्राम पंचायत स्तर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाने को कहा। बैठक में ग्राम तथा जनपद पंचायत में संविदा पर पदस्थ मनरेगा अमले की वार्षिक सेवा वृद्धि के लिए स्व-मूल्यांकन प्रणाली को लागू करने की मंजूरी दी गई।

बैठक में बताया गया कि गत वित्तीय वर्ष 2013-14 में मनरेगा में 1224.09 लाख मानव दिवस का रोजगार मुहैया करवाया गया। अवधि में एक 73 लाख 903 ग्रामीण परिवार को 100 दिवस का रोजगार मुहैया हुआ। मनरेगा में 24 हजार 481 रोजगारमूलक कार्य पूर्ण हुए और 2954.03 करोड़ की राशि खर्च हुई।

मौजूदा वित्तीय वर्ष में जॉबकार्डधारी श्रमिकों के समूहों को क्रियाशील और जागरूक बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर 14 जुलाई से मजदूर सम्मेलन होंगे। इनमें श्रमिकों को उनके अधिकारों, मनरेगा के मुख्य प्रावधानों, रोजगार की माँग के अन्य तरीकों जैसे-ऑनलाइन डिमाण्ड, स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से माँग आदि, मजदूरी भुगतान और बैंक खातों के संचालन की प्रक्रिया बताई जाएगी।

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