मध्‍यप्रदेश में नौकरशाहों का सरकार पर हमला

भोपाल, अगस्‍त/ मध्‍यप्रदेश में सरकार और राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की समन्‍वय बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्‍य की नौकरशाही को लेकर घोर असंतोष जाहिर किए जाने के बाद नौकरशाही की ओर से सरकार पर पलटवार किया गया है। अफसरों पर उंगली उठाने वाले नेताओं से राज्‍य की एक पूर्व मुख्‍य सचिव ने सवाल किया है कि यदि नौकरशाही भ्रष्‍ट है तो इसके लिए जिम्‍मेदार कौन है?

दरअसल राजधानी में पिछले दो दिनों के दौरान सरकार और पार्टी के नेताओं की संघ के आलानेताओं के साथ महत्‍वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सत्‍ता और संगठन के बीच समन्‍य के अलावा सरकार के कामकाज और सरकार की छवि को लेकर आम जनता में पनप रहे असंतोष पर भी बात उठी। जब सांसदों से अपनी राय जाहिर करने को कहा गया तो उन्‍होंने साफ कह दिया कि उन्‍हें पूछता ही कौन है?  ज्‍यादातर सांसदों के निशाने पर राज्‍य की नौकरशाही रही। ऐसी ही बात राज्‍य के कुछ मंत्रियों और अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं ने भी कही। सबसे मुखर रहे पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय। वे बोले- राज्‍य की ब्‍यूरोक्रेसी भ्रष्‍ट हो गई है।

इस बैठक का महत्‍व इसी बात से समझा जा सकता है कि इसमें पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के अलावा राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी और सह सरकार्यवाह कृष्‍णगोपाल भी मौजूद थे। मुख्‍यमंत्री शिवराजसिंह और उनके केबिनेट के अन्‍य सदस्‍यों के अलावा राज्‍य के केंद्रीय मंत्रियों ने भी इसमें हिस्‍सेदारी की। जब पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने अपना गुबार निकाला तो तमाम आला नेताओं के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं।

लेकिन बात यही खत्‍म नहीं हुई। जब राज्‍य की ब्‍यूरोक्रेसी को इस बैठक में निशाना बनाए जाने और उसे भ्रष्‍टतम करार दिए जाने की खबरें शनिवार को मीडिया में आईं तो राज्‍य की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच ने नौकरशाहों की तरफ से मोर्चा संभालते हुए सरकार और नेताओं पर पलटवार किया। निर्मला बुच ने कहा- ‘’ये आरोप तो ब्यूरोक्रेसी से काम लेने वालों पर है। अगर ब्यूरोक्रेट्स करप्ट हैं तो किसका काम था कि उन्हे करप्ट ना होने दे, कन्ट्रोल क्यो नही किया…? लोक सेवा गारंटी कानून जैसे कायदों पर सवाल खड़े करते हुए उन्‍होंने कहा कि इनका औचित्य समझ से परे है। काम न करने वालों पर निगाह रखना उच्च अधिकारी का काम है। ये व्यवस्थाएं तो शासन में पहले से ही है। मध्‍यप्रदेश में गड़बड़ी करने वालों पर एक्शन नही हो रहा। हालात काबू में करना संभव है बशर्ते लोगो को डर हो कि कार्रवाई हो जाएगी। …सस्पेंड करने से क्या होता है… आजकल तो कोई छापा पड़ने के बाद मालूम ही नही होता कि बाद में क्या हुआ, सब बहाल हो जाते है, फिर प्रमोशन भी हो जाता है।”

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