सतीश जोशी

ग्वालियर चंबल संभाग की जिन 16 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं उनमें से पाँच सीटें मुरैना जिले की हैं। इनमें चार विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। हालांकि इन चार में से तीन ही सिंधिया खेमे के हैं,  एक दिग्विजय सिंह समर्थक हैं और वे मंत्री पद के लिए ही कांग्रेस छोड़कर आए और मंत्री बन भी गये।

एक सीट सिटिंग विधायक के निधन से रिक्त हुई थी, वे भी सिंधिया शिविर के ही थे। आज के राजनीतिक समीकरण में इन सभी सीटों पर भाजपा को कड़ी टक्कर की तैयारी करनी होगी, क्योंकि बहुजन पार्टी भी सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर रही है। कांग्रेस के नाम सामने नहीं आए हैं,  पर पार्टी का अपना प्रभाव क्षेत्र है, वह उसकी मदद करेगा। भाजपा को अपने लोगों को समझाने की कड़ी कसरत करना है।

अम्बाह, दिमनी, मुरैना, सुमावली, जौरा इन पांच सीटों पर उपचुनाव होना हैं। जौरा के विधायक बनवारीलाल शर्मा का कैन्सर से निधन हो जाने से उपचुनाव हो रहा है। शर्मा, कांग्रेस के विधायक थे और सिंधिया शिविर से थे। बाकी चार जगह पर विधायकों के इस्तीफे देने और भाजपा में आ जाने से उपचुनाव हो रहे हैं।

पांंचों सीटों का गणित
अम्बाह से विधायक रहे सिंधिया समर्थक कमलेश जाटव ही भाजपा उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस बीएसपी छोड़ पार्टी में आए सत्यप्रकाश सखवार को उम्मीदवार बना सकती है। उनकी राह में कयी स्थापित कांग्रेस नेताओं की भी कमी नहीं है। आज की तारीख में एक लंबी सूची है। पर प्रमुख दावेदार सखवार ही हैं। दिमनी से पूर्व विधायक और राज्यमंत्री गिरिराज दंडोतिया ही भाजपा उम्मीदवार होंगे। उनकी अपनी पकड मजबूत है। यह ठाकुर प्रभाव वाला क्षेत्र है। यहां कांग्रेस के प्रमुख दावेदार हैं रवीन्द्र कुमार भिड़ोता।

मुरैना शहर से पूर्व विधायक रघुराज कंसाना भाजपा के उम्मीदवार होंगे। इनके लिए पूर्व मंत्री रुस्तमसिह को मनाना कठिन काम है। वे अपने बेटे के लिए दावेदारी कर रहे हैं।  वैसे पिछले चुनाव में उन्हें हार मिली थी। कांग्रेस की ओर से डॉ. राकेश माहेश्वरी उम्मीदवार हो सकते हैं। उनका वहां बड़ा प्रभाव है। सुमावली से भाजपा कैबिनेट मंत्री ऐदलसिंह कंशाना को उम्मीदवार बनाएगी, वे दिग्विजय सिंह के खासमखास हैं। कांग्रेस अजयसिंह कुशवाह को उम्मीदवार बना सकती है। वे सक्रिय और प्रभावी उम्मीदवार माने जाते हैं।

जौरा है चर्चा में
यहाँ कांग्रेस के बनवारी लाल शर्मा विधायक थे। उनके निधन से यह उपचुनाव होना है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक होने से वे इस सीट पर अपने समर्थक को टिकट दिए जाने का दबाव डाल रहे हैं। शिवराज सिंह अपने समर्थक सूबेदार सिंह को टिकट देना चाहते हैं। वे बसपा से भाजपा में आए हैं। कांग्रेस से सैटेलाइट उम्मीदवार का नाम चल रहा हैं। पूर्व मंत्री, विधायक जीतू पटवारी के खास और व्यवसाय पार्टनर पंकज उपाध्याय भी दावेदार हैं। यह सीट ब्राह्मण बहुल है। पंकज ने बीस पच्चीस गाड़ियों व इंदौरी फौज के साथ डेरा डाल दिया है। पूरी विधानसभा में अभी ये ही ये दिखाई देते हैं। कांग्रेस के साथ शहर की चौपाल पर पंकज से छुटकारे लेकर उन्‍हें सैटेलाइट उम्मीदवार कहा जा रहा है।