हेमंत पाल

इन दिनों एक नया माहौल बन रहा है, जो बॉलीवुड के कलाकारों और दर्शकों के बीच खटास बढ़ा रहा है। अभी तक दोनों के बीच प्रशंसक और दर्शक का अनमोल रिश्ता रहा है। इस रिश्ते को मजबूत करते हुए दर्शक बड़े सितारों के बच्चों को भी बतौर कलाकार स्वीकार करते रहे हैं। ये परंपरा दशकों से चली आ रही है। पृथ्वीराज कपूर का करीब पूरा परिवार ही परदे पर दिखाई दिया। अशोक कुमार के दोनों भाइयों ने फिल्मों में काम किया। बाद में सुनील दत्त और धर्मेंद्र के बेटे भी हीरो बने। पर, कभी भाई-भतीजावाद जैसी बात कभी नहीं उठी। लेकिन, सुशांतसिंह राजपूत की आत्महत्या मामले ने सिनेमा की दुनिया में इस मुद्दे को गरमा दिया। अब तो आग इतनी भड़क गई कि दर्शकों का एक धड़ा स्टार किड्स के खिलाफ बाहें चढ़ाकर खड़ा हो गया है। अब तो ये नफरत इतनी बढ़ गई है, कि दो फिल्मों में ट्रेलर तक को दर्शकों ने नकार दिया।

महेश भट्ट की फिल्म ‘सड़क-2’ का ट्रेलर 12 अगस्त को रिलीज हुआ था। संजय दत्त को कैंसर होने की खबर सामने आने के बाद उम्मीद की जा रही थी, कि यह ट्रेलर दर्शकों को आकर्षित करेगा। लेकिन, जो हुआ वो उम्मीद से उलट था। फिल्म का ट्रेलर ट्रेंड तो हुआ, लेकिन ट्रोल होने के बाद। दर्शकों के मन में स्टार किड्स को लेकर बढ़ती नफरत को इसका कारण माना जा रहा है। फिल्म में संजय दत्त के साथ आलिया भट्ट और आदित्य रॉय कपूर हैं। ‘सड़क-2’ को महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया है, जो करीब 20 साल बाद निर्देशन में लौटे हैं।

सिनेमाघर बंद होने से इस फिल्म को ओटीटी पर रिलीज किया गया। फिल्म समीक्षकों ने ट्रेलर देखकर फिल्म की अच्छी सफलता की संभावना बताई। पर, इस ट्रेलर को जिस नकारात्मक नजरिए से लिया गया, कहा नहीं जा सकता कि दर्शक इसे कितना पसंद करते हैं। एक दिन में 22 मिलियन व्यूज मिलना सामान्य बात नहीं है। फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई, इसलिए इसके बॉक्स ऑफिस पर हिट या फ्लॉप होने जैसा तो स्पष्ट खुलासा नहीं होगा, पर इससे स्टार किड्स का भविष्य जरूर खतरे में दिखाई देने लगा।

ये अपनी तरह का पहला विरोध है। पहली बार हुआ कि किसी बड़े स्टार वाली फिल्म के ट्रेलर को पसंद से ज्यादा नापसंद किया गया। ‘सड़क-2’ का विरोध इसका पहला पोस्टर सामने आने के साथ ही होने लगा था। इस विरोध को एक्टर सुशांत की आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। आशंका जताई गई थी कि सुशांत को बॉलीवुड में पसरे भाई-भतीजावाद ने ही आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। इसी वजह से फिल्म को इतनी नफरत की नजर से देखा गया। क्योंकि, महेश भट्ट ने अपनी बेटी आलिया को फिल्म में लिया है। आदित्य रॉय कपूर भी फिल्म परिवार से जुड़े हैं और संयोग से संजय दत्त भी स्टार किड्स ही हैं। समझा गया है कि इस फिल्म के ट्रेलर को नापसंद करके लोगों ने अपने ही अंदाज में सुशांत को श्रद्धांजलि दी है। फिल्म के विरोध का एक कारण यह भी है कि महेश भट्ट और सुशांत की मौत की कथित वजह रिया चक्रवर्ती की भट्ट से नजदीकी को भी बताया जा रहा है।

इस ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी सामने आई। एक ने सुशांत के लिए न्याय की मांग करते हुए लिखा ‘ट्रेलर आउट हो गया है, इसे केवल एक डिस्लाइक न दें, बल्कि इसे सबसे ज्यादा नापसंद किया जाने वाला ट्रेलर बनाएं।‘ जबकि, सुशांत के एक चाहने वाले ने लिखा ‘सड़क-2’ का ट्रेलर आ गया। संजय दत्तजी हमें क्षमा करें, हम जानते हैं कि आप इस समय किस दर्द से गुजर रहे हैं, लेकिन कृपया समझें, हम महेश भट्ट और उनके परिवार के सदस्यों की फिल्में देखना पसंद नहीं कर सकते। सुशांत जैसे प्रतिभाशाली अभिनेता की हत्या में उनका हाथ है और हम भारतीय यह बर्दाश्त नहीं कर सकते।

ये अपने आपमें बेहद गंभीर मामला है। क्योंकि, बात सिर्फ स्टार किड्स तक सीमित नहीं, महेश भट्ट के विरोध की भी है। ये बात भी सोलह आने सच है कि एक कलाकार की मौत ने स्‍टार किड्स को लेकर नफरत का माहौल बना दिया, जो चरम पर है। दो और स्‍टार किड्स अनन्‍या पांडे और ईशान खट्टर की आने वाली फिल्म ‘खाली पीली’ के टीजर का भी विरोध हुआ। शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर और चंकी पांडे की बेटी अनन्या पांडे इस फिल्‍म के लीड रोल में नज़र आ रहे हैं। यूट्यूब पर अपलोड होने के कुछ ही घंटों में इसे दो मिलियन से ज्यादा व्‍यूज मिले, जिनमें साढ़े 6 लाख से ज्यादा नापसंदगी वाले हैं।

‘सड़क-2’ के बाद ‘खाली पीली’ को भी जो नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, उससे ये दिखाई देने लगा है कि दर्शकों के दिल में ये लावा लम्बे समय से खदबदा रहा था, जो एक मौका मिलते ही फटकर बाहर आ गया। वजह सिर्फ यही है कि दोनों फिल्मों के सितारे स्‍टार किड्स हैं।  फिल्म खाली-पीली के टीजर को लाइक्स से ज्यादा डिस्लाइक्स मिलने के बाद अब इस फिल्म को सिनेमाघर खुलने तक स्थगित करने के बजाए सीधे 2 अक्टूबर को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाएगा ताकि खुले विरोध से बचा जा सके। वरुण धवन ने तो सोशल मीडिया पर सुशांत की मौत की सीबीआई जाँच की मांग कर दी, तो भी लोगों ने उनको ट्रोल किया। मुद्दा ये है कि फिलहाल स्टार किड्स जनता की बात के समर्थन में भी खड़े होंगे, तो लोग उन्हें गलत ही समझेंगे।

स्टार किड्स के खिलाफ उभर रही नफरत का एक असर ये हुआ कि इन कलाकारों को नई फ़िल्में मिलना मुश्किल होने लगा। जिन फिल्मों में इन्हें लिया गया था, उनसे भी बाहर किया जाने लगा। एसएस राजामौली की फिल्म ‘ट्रिपल-आर’ से आलिया भट्ट बाहर हो गई। राजामौली अपनी पिछली फिल्म ‘बाहुबली’ की तर्ज पर इसे कई भाषाओं में रिलीज करने वाले हैं। हिंदी भाषी दर्शकों को जोड़ने के लिए उन्होंने अभिनेत्री आलिया भट्ट को फ़िल्म में लेने का फैसला किया था। लेकिन, नेपोटिजम पर छिड़ी बहस के बाद उन्होंने आलिया को किनारे कर दिया। ये तो पहली खबर है, आगे ऐसी घटनाएं  बढ़ना तय है। क्योंकि, कोई भी फिल्मकार बेवजह विवाद नहीं बनाना चाहता और न अपना नुकसान होने देना चाहता है।