मणिपुर। हिंसा, भय और तनाव के बाद अब मणिपुर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है। यहां से अब संघर्ष की खबरें लगभग न के बराबर हैं। बीते सालों में मणिपुर ने हिंसा का ऐसा दौर देखा है जो किसी बुरे सपने से भी बुरा था। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मणिपुर दौरा जख्मों पर मरहम जैसा था। पीड़ितों से मुलाकात की बात हो या मंच से मणिपुर की सांस्कृतिक विरासत की बात, पीएम मोदी ने आज हर उस बात का जिक्र किया जो मणिपुर के लोगों में सकारात्मक ऊर्जा लाए। हमने आपके लिए उनके भाषण से कुछ चुनिंदा अंश यहां पेश किए हैं।
पीएम मोदी ने कहा - "आज़ादी के बाद देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से के बड़े शहरों में विकास हुआ, वहां सपने पले, नौजवानों को नए मौके मिले। अब 21वीं सदी का ये समय ईस्ट का है, नॉर्थ ईस्ट का है। इसलिए मणिपुर के विकास को भारत सरकार ने निरंतर प्राथमिकता दी है। इसी का परिणाम है कि मणिपुर की विकास दर लगातार बढ़ रही है। 2014 से पहले मणिपुर की विकास दर एक परसेंट से भी कम थी, वन परसेंट भी नहीं थी। अब मणिपुर पहले से कई गुना तेजी से आगे बढ़ रहा है। मणिपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का नया दौर शुरू हुआ है। मुझे संतोष है मणिपुर में सड़कें बनाने की, नेशनल हाईवेज बनाने की रफ्तार भी कई गुना बढ़ी है। यहां गांव-गांव तक सड़कें पहुंचाने के लिए भी तेजी से काम हो रहा है।"
इंफाल संभावनाओं का शहर :
"हमारा इंफाल संभावनाओं का शहर है। मैं इंफाल शहर को भी विकसित भारत के उन शहरों के रूप में देखता हूं, जो हमारे यूथ के सपनों को पूरा करेगा, देश के विकास को गति देगा। इसी सोच के साथ यहां स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अनेक प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं। सैकड़ों करोड़ रुपए के और भी कई प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया जा रहा है।"
"इंफाल हो, मणिपुर के दूसरे इलाके हों, यहां स्टार्ट अप्स के लिए, टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए नए मौके बन रहे हैं। आईटी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन, इससे इन संभावनाओं को बल मिलेगा। इस ज़ोन की पहली बिल्डिंग भी ऑलरेडी बन चुकी है। मणिपुर में नई सिविल सेक्रेटेरिएट की बिल्डिंग बनाने की मांग बहुत पुरानी थी। अब ये बिल्डिंग भी तैयार है, इस नई बिल्डिंग से नागरिक देवो भव: के मंत्र को और मजबूती मिलेगी।"
"मणिपुर के अनेक साथी, कोलकाता और दिल्ली भी आते-जाते रहते हैं। वहां भी कम कीमत में ठहरने की व्यवस्था हो, इसके लिए दोनों शहरों में मणिपुर भवन बनाया गया है। इन भवनों से मणिपुर की बेटियों को बहुत मदद मिलेगी। और जब बच्चे वहां सकुशल होंगे, तो यहां माता-पिता की चिंता भी कम रहेगी।"
"हमारी सरकार, पूरी संवेदनशीलता से आपके जीवन की मुश्किलों को कम करने का पूरा प्रयास कर रही है। मैं जानता हूं, मणिपुर के कई हिस्सों में बाढ़ से भी बहुत परेशानी होती है। इस समस्या को कम करने के लिए भी सरकार कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।"
माताएं-बहनें, इकोनॉमी के फोरफ्रंट पर हैं :
"मणिपुर, देश का वो राज्य है, जहां माताएं-बहनें, इकोनॉमी के फोरफ्रंट में हैं। इमा कैथल की परंपरा इसका बहुत बड़ा प्रमाण है। मैं नारीशक्ति को, भारत के विकास की, आत्मनिर्भर भारत की भी धुरी मानता हूं। इसकी प्रेरणा हम यहां मणिपुर में देख रहे हैं, यहां हमारी सरकार बनने के बाद, हमने महिलाओं के लिए स्पेशल हाट-बाज़ार, इमा मार्केट्स का निर्माण शुरु किया था। मुझे खुशी है कि आज चार इमा मार्केट्स का भी उद्घाटन किया गया है। इन इमा मार्केट्स से मणिपुर की बहनों को बहुत मदद मिलेगी।"
मणिपुर में किसी भी तरह की हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण
"मणिपुर की हजारों वर्ष पुरानी समृद्ध विरासत है। यहां संस्कृति की जड़ें मजबूत हैं, गहरी हैं। मणिपुर, मां भारती के मुकुट पर सजा मुकुट रत्न है। इसलिए हमें मणिपुर की विकासवादी छवि को निरंतर मजबूत करना है। मणिपुर में किसी भी तरह की हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। ये हिंसा हमारे पूर्वजों और हमारी भावी पीढ़ी के साथ भी बहुत बड़ा अन्याय है। इसलिए हमें मणिपुर को लगातार शांति और विकास के रास्ते पर आगे लेके जाना है, और मिल करके जाना है। भारत की आज़ादी की लड़ाई में, भारत की रक्षा में, मणिपुर के योगदान से हमें प्रेरणा लेनी है, ये मणिपुर की ही धरती थी, जहां Indian National Army ने पहली बार भारत का अपना ध्वज फहराया था। नेताजी सुभाष ने मणिपुर को भारत की आज़ादी का द्वार कहा था। इसी मिट्टी ने अनेक वीर बलिदान दिए हैं। हमारी सरकार, मणिपुर के ऐसे हर महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार ने और एक बड़ा कदम उठाया है। अंडमान और निकोबार द्वीप में, माउंट हैरियट का नाम बदलकर माउंट मणिपुर रखा गया है। ये मणिपुरी स्वतंत्रता सेनानियों को भारत के 140 करोड़ देशवासियों की श्रद्धांजलि है।"
शहीद दीपक चिंगखम के शौर्य को नमन
"आज भी मणिपुर की अनेक संतानें देश के अलग-अलग हिस्सों में मां भारती की रक्षा में जुटी हैं। अभी ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने भारत की सेना के सामर्थ्य को देखा है। हमारे सैनिकों ने ऐसा कहर बरपाया कि पाकिस्तान की सेना त्राहि-त्राहि करने लगी। भारत की इस सफलता में मणिपुर के भी अनेक वीर बेटे-बेटियों का शौर्य शामिल है। ऐसे ही हमारे एक जांबाज शहीद दीपक चिंगखम के शौर्य को मैं आज नमन करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनका बलिदान देश हमेशा याद रखेगा।"
मणिपुरी संस्कृति के बिना भारतीय संस्कृति अधूरी है।
"मुझे याद है कि साल 2014 में जब मैं यहां आया था, तब मैंने एक बात कही थी, मैंने कहा था कि मणिपुरी संस्कृति के बिना भारतीय संस्कृति अधूरी है, और मणिपुर के खिलाड़ियों के बिना भारत के खेल भी अधूरे हैं। मणिपुर का नौजवान, तिरंगे की शान के लिए जी-जान से जुटने वाला नौजवान है। उसकी इस पहचान को हमें हिंसा के काले साए में दबने नहीं देना है।"
नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए भारत सरकार ने मणिपुर को चुना :
"आज जब भारत, ग्लोबल स्पोर्ट्स का पावरहाउस बन रहा है, तब मणिपुर के नौजवानों का दायित्व और भी अधिक है। इसलिए, तो पहली नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए भारत सरकार ने मणिपुर को चुना। खेलो इंडिया स्कीम और ओलंपिक पोडियम स्कीम्स से आज मणिपुर के अनेक खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मणिपुर के युवाओं के लिए यहां आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाया जा रहा है। पोलो को बढ़ावा देने के लिए, यहां दुनिया की सबसे ऊंची पोलो प्रतिमा के साथ, मारजिंग पोलो कॉम्प्लेक्स स्थापित किया गया है। यहां के ओलंपियन्स को सम्मानित करने के लिए ओलंपियन पार्क भी बनाया गया है। कुछ दिन पहले ही सरकार ने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी- खेलो इंडिया नीति इसकी घोषणा की है। इससे आने वाले समय में मणिपुर के नौजवानों को बहुत अधिक फायदा मिलेगा।"
विस्थापितों के लिए सात हजार नए घर स्वीकृत
"मणिपुर में शांति और स्थिरता आए, यहां के लोगों के हित सुरक्षित रहें, जो कैंपों में रहने को मजबूर हैं उनका जीवन फिर पटरी पर आए, इसके लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। सरकार द्वारा विस्थापितों के लिए, सात हजार नए घर स्वीकृत किए गए हैं। हाल ही में, केंद्र सरकार ने मणिपुर के लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपए का विशेष पैकेज भी घोषित किया है। इसमें विस्थापितों की मदद के लिए 500 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। जिन्होंने हिंसा की आंच सही है, वो जल्द से जल्द सामान्य जीवन की तरफ लौटें, ये हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता है। मणिपुर पुलिस के लिए बना नया हेडक्वार्टर भी इसमें आपकी बहुत मदद करेगा।"
नेपाल पर भी बोले प्रधानमंत्री मोदी -
"आज मणिपुर की इस धरती से मैं नेपाल के मेरे साथियों से भी बात करूंगा। हिमालय की गोद में बसा नेपाल, भारत का एक मित्र है, करीबी दोस्त है। हम साझा इतिहास से जुड़े हैं, आस्था से जुड़े हैं, साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। मैं आज नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने पर 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से श्रीमती सुशीला जी को हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि वे नेपाल में शांति, स्थिरता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगी। नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में सुशीला जी का आना, महिला सशक्तिकरण का वह बहुत उत्तम उदाहरण है। मैं आज नेपाल में ऐसे हर एक व्यक्ति की सराहना करूंगा, जिसने ऐसे अस्थिरता भरे माहौल में भी लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा।"
"नेपाल में हुए घटनाक्रम में एक और बात विशेष रही है, जिसकी ओर लोगों का ध्यान नहीं गया। पिछले दो-तीन दिनों से नेपाल के युवक-युवतियाँ, नेपाल की सड़कों पर सफ़ाई और रंग-रोगन का काम बड़ी मेहनत और पवित्रता के भाव से करते हुए देखे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर आ रही उनकी तस्वीरें मैंने भी देखी हैं। उनकी ये सकारात्मक सोच, ये सकारात्मक कार्य, न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि ये नेपाल के नवोदय का स्पष्ट संकेत भी है। मैं नेपाल को उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।"
"21वीं सदी में आगे बढ़ता हुआ हमारा देश एक ही लक्ष्य लेकर चल रहा है- विकसित भारत का लक्ष्य। और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मणिपुर का विकास भी जरूरी है। हमारा मणिपुर असीम संभावनाओं से भरा हुआ है। विकास के रास्ते से हम एक कदम भी ना भटके, ये हम सभी का कर्तव्य है। मणिपुर के पास सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, ज़रूरत इस बात की है कि हम संवाद का रास्ता निरंतर मजबूत करें, हमें हिल्स और वैली के बीच सौहार्द का एक मजबूत सेतु बनाना है। मुझे विश्वास है मणिपुर देश की ग्रोथ का एक बहुत मजबूत सेंटर बनेगा। एक बार फिर आप सभी को इन विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।"