बाबर पर प्रस्तावित सत्र के बहाने भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल की फंडिंग, प्रशासनिक भूमिका और वैचारिक एजेंडे पर उठे गंभीर सवाल। लेखक, अखबार और सिस्टम आमने-सामने, मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचा।
Web Story
मनोरंजन
हेल्थ
स्पोर्ट्स
ऑटो
विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें