India US Relations : नई दिल्ली। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश कहे जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति कुछ ही घंटों में अपनी कही बात से पलट गए। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि, अमेरिका ने भारत को खो दिया है। इसके कुछ घंटों बाद मीडिया से चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि, 'नहीं हमने भारत को नहीं खोया है। मैं बाद भारत द्वारा रूस दे तेल खरीदने पर नाराज हूं।' विदेशी मामलों के विशेषज्ञ इसे अमेरिका की भारत के प्रति कन्फ्यूज पॉलिसी बता रहें हैं।

भारत और अमेरिकी संबंधों पर सवाल किए जाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं, वह महान हैं...मुझे बस इस समय वह जो कर रहे हैं वह पसंद नहीं है लेकिन भारत और अमेरिका के बीच एक विशेष रिश्ता है। इसमें चिंता की कोई बात नहीं है।"

रूस से तेल खरीदने से नाराज
उन्होंने आगे कहा कि, "मुझे इस बात से निराशा हुई है कि भारत रूस से इतना तेल खरीद रहा है। मैंने उन्हें बता दिया है कि मैं भारत पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगा दिया है - 50%। जैसा कि आप जानते हैं, मेरे (भारतीय प्रधानमंत्री) मोदी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं।

भारत Sorry कहते हुए वापस आएगा
ट्रंप के बयानों के इतर अमेरिकी कैबिनेट में व्यापार मंत्री हावर्ड लुटनिक ने दावा किया था कि, भारत अगले एक - दो महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ व्यापार वार्ता की पहल करेगा। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि, भारत Sorry कहते हुए वापस आएगा। 

भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया
हावर्ड लुटनिक के बयान के ठीक पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक फोटो पोस्ट की थी। इस फोटो में प्रधानमंत्री मोदी, शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन एक साथ थे। उन्होंने लिखा था कि, 'ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। उनके लिए लंबा और समृद्ध भविष्य हो।'

ट्रुथ सोशल पर पोस्ट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आये तो वे अपनी ही बात से पलट गए। इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। 

गलत और भ्रामक बयान अस्वीकार
हालांकि विदेश मंत्रालय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि, हमने नवारो द्वारा दिए गए गलत और भ्रामक बयानों को देखा है, और हम स्पष्ट रूप से उन्हें अस्वीकार करते हैं। पीटर नवारो ने कहा था कि, ब्राह्मण, भारतीय लोगों के हितों की कीमत पर रूस से तेल खरीदकर मुनाफा कमा रहे हैं।

पीएम मोदी की यात्रा कैंसिल
इस सब के बीच बड़ी खबर यह सामने आई कि, प्रधानमंत्री मोदी सितंबर में होने वाली यूएन जनरल एसेम्बली के लिए अमेरिका नहीं जाएंगे। उनकी जगह विदेश मंत्री एस.जयशंकर अमेरिका जाएंगे।

इस तरह डोनाल्ड ट्रंप, उनके मंत्री और सलाहकारों के द्वारा दिए जा रहे बयान भारत और अमेरिका के संबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यदि राष्ट्रपति ट्रंप सच में भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारने की इच्छा रखते हैं तो संप्रभुता और सम्मान की भावना के साथ वार्ता की आवश्यकता है। 

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