12 वर्षों से शिक्षिका शैलजा रिछारिया हजारों लोगों को निशुल्क योग सिखा रही हैं। 100 से अधिक प्रशिक्षक तैयार कर चुकीं हैं। उनके लिए योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज निर्माण का जनसेवा अभियान है।
Madhyamat
2026-06-19 16:38:54
वैसे आज के ज्यादातर युवा के लिए ‘योग दिवस’ शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने का जरिया नहीं बल्कि एंगल का खेल है। सबसे पहले तो परफेक्ट लोकेशन चाहिए, कोई रिफ्लेक्टिव झील हो
2025-06-21 16:34:46
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