डॉ. वीरमाराम पटेल 

नमन करें हल्दीघाटी को 
नमन करें हम प्रताप को
बलिदानों की पृष्ठभूमि पर
निर्मित इस इतिहास को.
नमन करें हम प्रताप को...

 नमन करें उन तलवारों को
भीलों के भाले के वारों को
अकबर पार न पाया जिनसे 
है नमन एकलिंग दीवान को
नमन करें हम प्रताप को...

नमन करें चेतक की टापों को 
वीरों के रक्त-रंजित घावों को 
स्वदेश के हित खायी जिसको 
है नमन उस रोटी की घास को 
नमन करें हम प्रताप को..

वन-वन भटके पर हार न मानी 
दंग रह गया था वो अभिमानी 
स्वतंत्रता की है अमिट निशानी 
है नमन उस अडिग विश्वास को 
नमन करें हम प्रताप को..

नमन करें उस अमर सपूत को 
उस स्वामिभक्त पन्ना के दूध को 
अमरसिँह के उस तीव्र प्रहार को 
है नमन भामाशाह के त्याग को 
नमन करें हम प्रताप को...
(लेखक मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज) में अतिथि आचार्य हैं।) 

12 वर्षों से निशुल्क योग के जरिए स्वस्थ जीवन का संदेश दे रहीं योगदूत शैलजा
क्या अब इतिहास को भी फोटोशॉप किया जाएगा?
अब अपराधी जेब नहीं, मन को निशाना बना रहे हैं
ममता की जड़ों से उगता हरित भारत
रुकी नहीं... थकी नहीं... अनादि भारत की जर्सी लेकर लौटी
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